मंडी अटेली: शहर अटेली से गांव उनिंदा व शमशान भूमि को जाने वाला मुख्य मार्ग सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन कीधज्जियां उड़ाते हुए प्रतीत हो रहा है। रास्ता गंदगी के आलम एवं कूड़ा करकट से अटा पड़ा है। जिससे लोगों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। रास्ते में शहर का कूड़ा करकट व मलबा डाल देने व शौच इत्यादि से रास्ता रूका पड़ा है। इस रास्ते से गुजरने वाले लोग नाक दबाने को मजबूर है। वहीं बरसात के मौसम में तो इस रास्ते से निकलना भी दुभर हो जाता है। पूर्व पार्षद संजय गोयल, विष्णु शर्मा, निहाल जांगिड़, डा. सत्यवीर व महेश इत्यादि ने बताया कि वैसे तो स्वच्छता के लिहाज से पूरे शहर में गंदगी का आलम है।
पूरे शहर में गत एक वर्ष पूर्व शहर में सीवर लाईन डालने का कार्य किया गया था उस समय इस मार्ग का नवीनीकरण करने के लिए मार्ग को उखाड़ दिया था लेकिन आज तक इस मार्ग की कोई सुध नहीं ली जा रही है। कस्बावासियों को सबसे बड़ी परेशानी उस समय होती है जब किसी शव को अंतिम यात्रा के लिए शमसान भूमि तक पहुंचना पड़ता है। मार्ग पर गंदे पानी का जमावड़ा, कूड़ा-कर्कट व गंदगी का आलम फैला हुआ है ऐसे में लोग अन्य रास्तों का सहारा लेकर काम चला रहे है। इस ओर नगर पालिका व प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
सब अपनी-अपनी ढपली, अपने-अपने राग में लगे हुए है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस रास्ते की सफाई करवाने, मलबे को हटवाने व शौच मुक्त किए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि इसी मुख्य मार्ग पर पशु चिकित्सालय, सामान्य अस्पताल, जांगिड़ धर्मशाला, शमशान घाट व बच्चों का प्ले स्कूल स्थित है। इसी कारण इस रास्ते पर ज्यादा आवाजाही है और गांव उनिंदा को जाने के लिए एकमात्र शॉर्टकट रास्ता है। इस रास्ते के बंद होने से लोगों को एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
इस संबंध में नपा चेयरमैन विकास यादव का कहना है कि इस सड़क मार्ग के नवीनीकरण को लेकर लगभग 33 लाख रूपये का खर्चा लगेगा जिसके लिए चंडीगढ़ डीएलयू से अनुमति लेना अति आवश्यक है इसके लिए पत्र भेजा हुआ है जैसे ही अनुमति मिलेगी सड़क को दूरस्त करा दिया जाएगा।
-आनंद शर्मा


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