नई दिल्ली : हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आज से 6 नवम्बर तक होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे पर आक्रमक रहे प्रमुख दल सत्तारूढ़ भाजपा व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेसी के बड़े नेता इस विधानसभा सत्र में आमने-सामने होंगे। इस बार भाजपा के साथ जेजेपी खड़ी नजर आएंगे वहीं कांग्रेस विधायकों की संख्या 17 से 31 बढ़ी नजर आएगी।
इस सत्र में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके साथ बैठने वाले दिग्गज मंत्रियों उनके साथ जहां संसदीय कार्यमंत्री के रूप में रामविलास शर्मा बैठते थे वह अब चुनाव हारने के बाद नजर नहीं आएंगे। कांग्रेस व इनैलो के तीखे सवालों का जवाब देने के लिए शर्मा बेहद सरलभाव से विधानसभा में अच्छा माहौल बना लेते थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंंूकि विधानसभा हो या बाहर हर जगह पूरी तैयारी के साथ आते है इसलिए उन्हें इस सत्र में सारा मोर्चा खुद ही संभालना होगा। नए नवेले चेहरे विधानसभा में होंगे।
उन्हें विधानसभा के नियमों का ज्ञान जरूरी होगा वहीं सरकार की तरफ से हर बार मुख्यमंत्री के साथ और कौन-कौन मोर्चा संभालेगा यह देखना होगा। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के पास अनुभवी नेताओं की पूरी फौज विधानसभा में होगी। कांग्रेस सरकार को धान खरीद के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रहीे हैं।
कांग्रेस विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण वह दबाव की राजनीति करेगी मगर देखना यह होगा कि सीएम मनोहर लाल विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब कैसे देते हैं। मुख्यमंत्री के साथ जेजेपी के कई अनुभवी विधायक होंगे उनमें रामकुमार गौतम, ईश्वर सिंह, नैना चौटाला है वहीं दुष्यंत चौटाला भी उपमुख्यमंत्री के रूप में पढ़ लिखे युवा है वह मुख्यमंत्री के साथ विपक्ष से टक्कर लेते नजर आएंगे।


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