फरीदाबाद : शिकंजे में आने के बाद गैंगस्टर कौशल ने स्वीकार किया है कि हरियाणा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या कराकर उसने बड़ी गलती की है। गांव छोटी खेड़ी निवासी सचिन की बातों में आकर फंसने की बात भी वह कह रहा है। सोमवार को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद कौशल एसटीएफ के पास 2 सितंबर तक रिमांड पर है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कौशल ने बताया है कि फरीदाबाद में रंगदारी वसूलने के लिए उसने सचिन को ही मुख्य कड़ी बनाया था।
सचिन ने उसे फरीदाबाद के 10 ऐसे लोगों की सूची फोन नंबर के साथ उपलब्ध कराई थी, जो रंगदारी दे सकते थे। इनमें विकास चौधरी का भी नाम था। रंगदारी के लिए कौशल ने सबसे पहले विकास चौधरी को ही वाट्सएप कॉल की थी, मगर उसने रंगदारी देने से इंकार कर दिया था। कौशल ने एसटीएफ को बताया है कि जब विकास चौधरी ने रंगदारी के लिए इंकार कर दिया तो सचिन ने उसकी हत्या की जिम्मेदारी ले ली।
इसके बाद कौशल ने जेल में बंद अपने विश्वसनीय गुर्गे अमित डागर से राय मांगी थी। अमित डागर ने कहा कि विकास चौधरी कांग्रेस नेता है, उसकी हत्या कराना बेहद गलत कदम होगा। फरीदाबाद पुलिस उसके पीछे हाथ धोकर पड़ जाएगी। इसके बाद कौशल ने सचिन से बात की और कहा कि हत्या करने की बजाय डराने के लिए विकास चौधरी के आस-पास गोलियां चलवा दे।
तब सचिन ने कहा कि अगर गोलियां चलाकर छोड़ दिया तो विकास उन लोगों को नहीं छोड़ेगा। इसके बाद कौशल ने विकास की हत्या के लिए मंजूरी दी। कौशल के अनुसार सचिन ने कहा था कि विकास के विपक्ष का नेता व मुकदमों में नामजद होने के कारण ज्यादा शोर नहीं होगा। मगर उसका यह अनुमान गलत साबित हुआ।


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