रोहतक: पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हिमाचल में जिस उत्साह के साथ मतदान हुआ है, उससे साफ है कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी, लेकिन उन्होंने ईवीएम मशीन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम को फुलप्रुफ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस-जिस तरह से केंद्र सरकार जीएसटी को लेकर बार-बार बदलाव कर रही है, उससे साफ है कि बिना होम वर्क किये ही सरकार ने आनन-फानन में जीएसटी को लागू किया था। पेट्रोलियम पदार्थो को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए, ताकि आम लोगों को इसका फायदा मिले। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम है, उसके बावजूद भी आज आज तेल की कीमतें आसमान छू रही है। अगर तेल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो तेल की कीमत 25 रुपये के करीब होगी, जिससे महंगाई भी कम होगी। पूर्व सीएम ने एक बार फिर किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में किसानों के कर्ज माफ हो सकते है तो हरियाणा में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान हितैषी नहीं, बल्कि किसान विरोधी सरकार है।
शनिवार को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासन काल के दौरान सरकार ने सभी वर्गो के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। न तो सरकार ने किसी को छेड़ा था और न ही किसी को छोड़ा था। पूर्व सीएम ने जसिया में होने वाली महापंचायत में जाने से भी इंकार कर दिया। लेकिन उन्होंने आरक्षण की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के पीछे सरकार का हाथ था। सरकार ने एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रदेश को जलवाया है। प्रदेश के गठन के बाद आज तक पुलिस की गोली से इतने बड़े स्तर पर लोगों की मौत नहीं हुई थी, जितनी भाजपा सरकार के तीन साल के दौरान हुई है।
इसके लिए सीधे-सीधे भाजपा सरकार ही दोषी है। पूर्व सीएम ने ईवीएम की विश्वसनियता पर भी सवाल उठाएं। उन्होंने कहा कि ईवीएम को पूरी तरह से फुलप्रफु नहीं है। पिछले तीन-चार दिनों से फैले स्मॉग को लेकर पूर्व सीएम ने कहा कि इसके लिए अकेले किसानों दोषी नहीं ठहराया जा सकता, सरकार की भी जिम्मेदारी होती है और सरकार को समय रहते जरुरी कदम उठाने चाहिये थे। पूर्व सीएम ने प्रदेश में डेंगू की बिमारी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाये। पूर्व सीएम ने कहा कि डेंगू की बिमारी महामारी का रुप ले रही है और स्वास्थ्य मंत्री प्रदेश कतई भी मानने को तैयार नहीं है कि प्रदेश में डेंगू का कहर जारी है। आज अस्पतालों में न तो दवाईयां है और न ही डाक्टर। हर रोज डेंगू से मरीजों की मौत हो रही है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए है।
(मनमोहन कथूरिया)


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