केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का जोरदार विरोध प्रदर्शन जारी है। साथ ही अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों ने किसान संसद का आयोजन किया। इस मुद्दे पर विपक्षी लगातार केंद्र पर दबाव बना रहा है कि सरकार इस काले कानूनों को वापिस ले और किसानों को इससे मुक्ति प्रदान करें।
उधर, हरियाणा में मध्यावधि चुनाव होने का दावा करते हुये इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सुप्रीमो एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि किसानों का आंदोलन काफी समय से चल रहा है और सरकार को इनके आगे हार माननी होगी। चौटाला ने कहा कि प्रदेश में मध्यावधि चुनाव होंगे जिसके बाद अगली सरकार राज्य में किसान-कमेरे वर्ग की होगी।
चौटाला चरखी दादरी मार्ग स्थित कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसानों का धरना लंबे समय से चल रहा है। सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। किसानों के आगे सरकार को हार माननी होगी।’’ चौटाला ने कहा कि इनेलो चौ. देवीलाल का लगाया हुआ पौधा है और वह इसको आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उनको दस साल की सजा साजिश के तहत दिलवाई गई।


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