पटवारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जारी की गई सूची का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था की अब तहसीलदार और उनके दलालों की जारी सूची ने हड़कंप मचा दिया है। जिससे तहसीलों में आज सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। हरियाणा प्रदेश के तहसील कार्यालयों में 404 दलाल सक्रिय है और इनमें 17 दलाल पलवल के है। राजस्व विभाग में तैनात कर्मचारियों द्वारा ही दलाली का कार्य किया जाता है। तहसीलदार और दलालों की इस सूची में कहा गया है कि राजस्व विभाग के कार्यालयों में दलालों के सक्रिय होने के कारण लोगों को मजबूरन अपने कार्य इनके माध्यम से करवाने पड़ते हैं।
कार्यालयों में दलालों की एंट्री को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने, उनको मॉनिटर करने तथा राजस्व सम्बंधी कार्यों में और अधिक पारदर्शिता लाये जाने की आवश्यकता के लिए सरकार ने जिला उपायुक्त को पत्र जारी किया है। इस सूची को अति गोपनीय बताया गया है और वरिष्ठ अधिकारी को जांच कर 15 दिन के अन्दर सरकार को रिर्पोट देनी होगी।
सूची में कहा गया है कि जिला के अंदर एक तहसीलदार और दो नायब तहसीलदार दलालों के जरिये भ्रष्टाचार फैला रहे हैं। दलालों के जरिये दो से पांच हजार रुपये तक रजिस्ट्री और इंतकाल चढवाने के नाम पर लेते हैं। सूची में जिन दलालों के नाम है उनका पूरा पता और मोबाइल नंबर भी लिखा गया है। दलालों के जरिये ही तहसील में रजिस्टी की जाती है।
इंतकाल चढाने और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य कार्यो के लिए लोगों से रिश्वत लेते हैं। गौरतलब है कि जिला में 17 पटवारियों और 15 उनके सहायकों की सूची जारी कर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। फिलहाल इस सूची से हड़कंप मचा हुआ है।


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