नारनौंद के किसानों की समस्याओं को लेकर विधायक जस्सी पेटवाड़ ने विधानसभा में उठाई आवाज

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Narnaund News Update: नारनौंद से विधायक भाई जस्सी पेटवाड़ ने विधानसभा में अपने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पूरी तरह खेती पर निर्भर है, लेकिन पिछले वर्ष बारिश के मौसम में आई भीषण बाढ़ ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। विधायक ने बताया कि बाढ़ के कारण कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए थे और महीनों बाद तक खेतों में पानी भरा रहा। डाटा, गुराना, सिंघवा राघो सहित अनेक गांवों में जलभराव के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता प्रभावित हुई, जिससे किसानों की फसलें नष्ट हो गईं। Narnaund…

Narnaund News Update: नारनौंद से विधायक भाई जस्सी पेटवाड़ ने विधानसभा में अपने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पूरी तरह खेती पर निर्भर है, लेकिन पिछले वर्ष बारिश के मौसम में आई भीषण बाढ़ ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। विधायक ने बताया कि बाढ़ के कारण कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए थे और महीनों बाद तक खेतों में पानी भरा रहा। डाटा, गुराना, सिंघवा राघो सहित अनेक गांवों में जलभराव के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता प्रभावित हुई, जिससे किसानों की फसलें नष्ट हो गईं।

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उन्होंने सरकार की मुआवजा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र में व्यापक नुकसान होने के बावजूद केवल लगभग 300 किसानों को ही मुआवजा दिया गया। बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास खुर्द बीजान, भकलाना, मोहल्ला, बड़छप्पर, पुट्ठी समन, सिंघवा खास, डाटा, गुराना, मसूदपुर, खानपुर, सिसर, खरबला, बडाला और उगालन जैसे गांवों में बहुत कम किसानों को राहत मिलना सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। जबकि पोर्टल पर लाखों किसानों ने अपने नुकसान का पंजीकरण कराया था।

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भाई जस्सी पेटवाड़ ने सरकार से मांग की कि नारनौंद क्षेत्र के उन सभी किसानों को मुआवजा दिया जाए जिन्होंने आधिकारिक रूप से अपना नुकसान दर्ज कराया है, ताकि बाढ़ से प्रभावित अन्नदाताओं को उनका पूरा अधिकार मिल सके।

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Pankhil Verma