नीलोखेड़ी : नीलोखेड़ी के बुटाना गांव के किसान सुल्तान सिंह को राष्ट्रपति भवन में पदमश्री अवार्ड से नवाजे गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें अवार्ड तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 0 मछलीपालन के क्षेंत्र में देश-विदेश में बेहतरीन कार्य करने के लिए सुल्तान सिंह को यह अवार्ड देने का निर्णय लिया गया है। सुल्तान सिंह की उपलब्धि से बुटाना गांव के साथ-साथ करनाल जिला और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है।
सुल्तान सिंह ने हरियाणा के किसानों का सिर गर्व से उंचा किया है। वह मछलीपालन के व्यवसाय में लगभग 35 सालों से काम कर रहे हैं। उन्होंने हजारों लोगों को मछली पालन का प्रशिक्षण भी दिया है। वैज्ञानिकों ने भी उनके फार्म का दौरा कर सुलतान सिंह की कार्यशैली की सराहना की। सुल्तान सिंह का जन्म बुटाना गांव में वर्ष 1963 में हुआ था।
उनके परिवार के लोग शुरू से ही परंपरागत खेती करते हैं, लेकिन सुल्तान ने बीए की पढ़ाई के दौरान ही मछली पालन की ओर काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह केवीएफ के संपर्क में आए, जहां डा. मारकंडे ने उन्हें मछी बीज उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। सुल्तान सिंह ने उत्तर भारत की पहली मछली बीज हैचरी का निर्माण किया तथा बीज बेचने का काम शुरू कर दिया।
इसके अलावा उन्होंने राजस्थान तथा महाराष्ट्र में भी डैम को पट्टे पर लेकर काम शुरू किया हुआ है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीमंडल के कई सदस्य और गणमान्य लोग मौजूद थे।
– विजय गुलाटी


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