चंडीगढ़ : हिसार सेंट्रल जेल में बंद कथित संत रामपाल ने जेल में उसे टी.वी. देखने की सुविधा नहीं दिए जाने को लेकर हाई कोर्ट में हिसार जेल के सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की हुए है। इसी बीच हरियाणा सरकार ने इस मामले में अर्जी दायर कर हाई कोर्ट को बताया कि जिन कैदियों को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा जाता है उनको टी.वी. व अन्य किसी तरह की सुविधा नहीं दी जा सकती सरकार ने कोर्ट को हाईकोर्ट की डिवीजऩ बेंच का एक आदेश दिखाते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार ही इस तरह के कैदी को किसी तरह की भी समाचार पत्र या टी.वी. देखने की मनाही होती है।
मंगलवार को हाईकोर्ट की बेंच ने सरकार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें उसने रामपाल को जेल में टीवी उपलब्ध करवाने के आदेश जारी किये थे। हाई कोर्ट ने इस मामले में रामपाल को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है। गौरतलब है कि इससे पहले 15 मई को रामपाल ने हाई कोर्ट में दायर अवमानना याचिका में सरकार पर आरोप लगाया था कि उसे कोर्ट के आदेश के बाद भी टी.वी. उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा।
याचिका में बताया गया था की वह 19 नवंबर 2014 से हिसार की सेंट्रल जेल में बंद है । उसे जेल में तीन वर्ष 7 महीनों से जयादा का समय हो चूका है। उसने गत वर्ष हिसार जिला अदालत में जेल में ही केबल कनेक्शन के साथ टी.वी. देखने की सुविधा दिए जाने की मांग की थी।
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(आहूजा)


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