चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार के तमाम प्रयासों के उल्ट ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने आगामी 16 व 17 अक्तूबर को फिर से चक्का जाम का ऐलान कर दिया है। कर्मचारी संगठनों के इस ऐलान के बाद प्रदेश सरकार आगामी रणनीति बनाने में जुट गई है। रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश लाठर, उप-महासचिव मायाराम उनियाल, कैशियर विनोद शर्मा व मुख्य सलाहकार रमेश सैनी ने शनिवार को यहां जारी बयान में कहा कि सरकार की वादाखिलाफी, तानाशाही के कारण तालमेल कमेटी ने यह फैसला लिया है।
शर्मा व दोदवा ने बताया कि रोड़वेज कर्मचारी बिल्कुल भी हड़ताल नहीं करना लेकिन सरकार जानबूझकर कर्मचारियों को हड़ताल में झौंककर जनता को परेशान करना चाहती है। सरकार बातचीत से समाधान करने की बजाय दमनकारी नीतियों व लाठी-गोली के बल पर आंदोलन को कुचलने का काम कर रही है जोकि असंवैधानिक है क्योंकि लोकतंत्र में देश के हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्वक तरीके से धरना, प्रर्दशन करने का पुरा अधिकार है। लेकिन भाजपा सरकार में चाहे कर्मचारी, छात्र, किसान, व्यापारी व मजदूर कोई भी संगठन हो सभी लाठी-गोली का शिकार हो रहे हैं।
रोडवेज कर्मचारियों पर लाठीचार्ज से सरकार का तानाशाही चेहरा फिर हुआ उजागर : कमेटी
सरकार किसी भी वर्ग या संगठन की समस्या का हल निकालने में नाकामयाब रही है। हरिनारायण शर्मा ने बताया कि तालमेल कमेटी ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह हड़ताल करवाना चाहती है या नहीं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी घोषणा की थी कि रोड़वेज कर्मचारियों से वार्ता करेंगे तथा 6 अक्तूबर को मतलौडा में भी लिखित में आश्वासन मिला था कि 11 व 13 अक्तूबर के बीच में किसी भी दिन मुख्यमंत्री से बैठक होगी लेकिन आज तक वार्ता का कोई भी न्योता नही आया है।
(राजेश जैन)


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