करनाल: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने नोटबंदी की व्यापक एवं ऐतिहासिक सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि देश के इतिहास में सबसे ज्यादा काले धन का पर्दाफाश हुआ, आतंकवाद व नकसलवाद की कमर टुटी, साफ-सुथरी अर्थ व्यवस्था की ओर एक मजबूत और दूरगामी कदम आगे बढ़ा, संगठित क्षेत्रों में गरीबों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर बनें, कैशलैश के जरिए स्वच्छ अर्थ व्यवस्था की तरफ भारत की बड़ी छलांग, जन सामान्य को स्वरोजगार के लिए सस्ता लोन और सस्ती दरों पर मकान मिलने लगे है। सुभाष बराला वीरवार को स्थानीय करनाल कल्ब में मीडिया से रूबरू हो रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 का आम चुनाव होने से पूर्व देश की जनता भ्रष्टाचार के विरूद्ध एक लडाई लड रही थी, व्यवस्था में परिवर्तन हो इसके लिए जनता ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुना और आज से एक साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अर्थतन्त्र में एक बडा बदलाव लाने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था। नोटबंदी के बाद देश को जो लाभ मिला है वह साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य भारतीयों को भरोसा हुआ है कि देश से काला धन और भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है, देश के लोगों को उनका हक मिल सकता है, उनके सपने साकार हो सकते है। एक साल की इस अवधी में देश की अर्थ व्यवस्था मजबूत हुई है जो कि विपक्ष को हजम नही हो रही है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार और काले धन के जनक और नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित कुछ लोगों ने देश वासियों को भ्रमित करने की पूरी कोशिश की, सरकार पर हर तरह का दबाव बनाया, उन्हें लगा था की प्रधानमंत्री फैसला वापिस लेगें।
पूरे विश्व में जहां-जहां इस तरह के फैसले लिए गए वहां या तो उन्हें वापिस ले लिया गया या असफल हो गए लेकिन भ्रष्टाचार व काले धन की इस लडाई को हर भारतीय परिवार ने लडा है, हर गरीब और गांवों ने लडा है, युवाओं की आशा व आकांक्षाओं ने लडा है, सवा सौ करोड देशवासियों ने दृढ़ता और आत्म विश्वास से लडा है, अटूट भरोसे के साथ सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लडा है और देश इस लडाई में विजय हुआ। एक सवाल के जवाब में सुभाष बराला ने कहा कि देश का काला धन बाहर आ चुका है, विपक्ष के लोगों को कैंडल मार्च निकालने से भी काला धन ढ़ुढने से नही मिल रहा है। विरोधी दल भ्रष्टाचार को रोकने में सहयोग देने की बजाए जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।


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