यमुनानगर : यमुनानगर में किसानों की हड़ताल के चलते ज्यादातर किसानो ने मंडियों में सब्जियों को नही लाए। हालाकि कल रात से मंडी में आए फल और सब्जिया जरूर मार्केट में आज लोगो को मिले लेकिन जो दूध शहर मे आ रहा था उसको लेकर किसानों ने दूध बेचने वालों का विरोध करते हुए उनका नाको पर से ही दूध की सप्लाई को रोक दिया और दूध से भरे हुए ड्रमो को सडक पर फेंक दिया। ऐसे में हल्का विरोध जरूर हुआ लेकिन उसके बावजूद किसनों ने दूध सडक पर फेंकने से गुरेज नही किया और साफ कर दिया की वह दस दिनों तक अपनी हड़ताल को पूर्ण रूप से कामयाब रखेंगे।
इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुंदीयान ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं करती किसानों के कर्जा माफ नहीं करती किसानों की आय सुनिश्चित नहीं करती तब तक उनकी यह हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने जिले के सभी किसानों एवं दूध बेचने वाले ग्रामीणों से अपील की कि वह दूध और फल सब्जी लेकर शहर में बेचने ना आए ताकि इस हड़ताल की आचं आम आदमी से होते हुए सरकार के कानों तक पहुंचे और सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर हो और तुरंत उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ता होने के बावजूद डीजल और पेट्रोल के दाम रोज बढ़ रहे हैं उसी की तर्ज पर दूध के दाम भी बढऩे चाहिए। इसके पश्चात सभी किसानों और दूध विक्रेताओं ने अपने फल सब्जियां एवं दूध को सड़कों पर फेंक सरकार विरोधी नारेबाजी की। किसानों की इस हड़ताल के कारण कोई अप्रिय घटना ना हो इसी के चलते यमुनानगर प्रशासन द्वारा अनाज मंडी में पुलिस बल तैनात कर रखा था।
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– संदीप शर्मा


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