Caffeine for Dementia: लंबे समय तक कॉफी पीने के असर को लेकर एक नई और विस्तृत स्टडी सामने आई है, जिसमें यह पाया गया है कि कैफीन वाली कॉफी का नियमित सेवन डिमेंशिया के खतरे को कम कर सकता है। वहीं, डीकैफिनेटेड कॉफी के मामले में ऐसा कोई खास फायदा नहीं देखा गया। यह प्रॉस्पेक्टिव कोहोर्ट स्टडी 1,31,821 लोगों पर की गई, जिनका लगभग 43 वर्षों तक फॉलो-अप किया गया। इस दौरान 11,033 लोगों में डिमेंशिया के मामले सामने आए। शोध के अनुसार, जो लोग ज्यादा मात्रा में कैफीन वाली कॉफी पीते थे, उनमें डिमेंशिया का खतरा काफी कम पाया गया। स्टडी में यह भी सामने आया कि कैफीन वाली कॉफी पीने वालों में कॉग्निटिव फंक्शन बेहतर रहा। इसके उलट, डीकैफिनेटेड कॉफी पीने वालों में डिमेंशिया के जोखिम में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि कॉफी में मौजूद कैफीन ही इस सकारात्मक प्रभाव का मुख्य कारण हो सकता है।
नर्सेज हेल्थ स्टडी और हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी
इस शोध में नर्सेस हेल्थ स्टडी (एनएचएस) और हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी (एचपीएफएस) इन दो बड़े समूहों को शामिल किया गया। इन दोनों समूहों के प्रतिभागियों से हर 2 से 4 साल में उनके खानपान से जुड़ी जानकारी ली गई। अध्ययन की शुरुआत में किसी भी प्रतिभागी को कैंसर, पार्किंसंस या डिमेंशिया जैसी बीमारी नहीं थी। नतीजों के मुताबिक, जो लोग सबसे ज्यादा कैफीन वाली कॉफी पीते थे, उनमें डिमेंशिया के मामले प्रति 1 लाख व्यक्ति-वर्ष में 141 थे, जबकि सबसे कम कॉफी पीने वालों में यह आंकड़ा 330 था। इसके अलावा, कॉग्निटिव गिरावट की शिकायत भी ज्यादा कॉफी पीने वालों में कम पाई गई।
दिन में 2 से 3 कप कैफीन वाली कॉफी लाभकारी
स्टडी में यह भी पाया गया कि दिन में 2 से 3 कप कैफीन वाली कॉफी या 1 से 2 कप चाय पीना सबसे अधिक लाभकारी साबित हुआ। चाय के सेवन से भी कुछ हद तक ऐसे ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संबंध पूरी तरह से कारण-परिणाम को साबित नहीं करता, लेकिन यह मजबूत संकेत देता है कि कैफीन का सेवन दिमागी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
कुल मिलाकर, यह अध्ययन बताता है कि संतुलित मात्रा में कैफीन वाली कॉफी और चाय का सेवन डिमेंशिया के जोखिम को कम करने और मानसिक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है।


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