लड़कियों के पीरियड्स की शुरुआत आमतौर पर 11 से 13 की उम्र के बीच होती है। लेकिन आजकल 8 से 9 साल की बच्चियों को भी पीरियड्स आ रहे हैं। कई माता-पिता इसे नॉर्मल समझते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये एक चिंता का विषय है। आइए, जानें लड़कियों में समय से पहले प्यूबर्टी आने के पीछे क्या वजह हो सकती है, जिन्हें नजरअंदाज करना बाद में मुश्किल खड़ी कर सकता है।
Precocious Puberty: प्रीकोशियस प्यूबर्टी क्या है?

कुछ लड़कियों में प्यूबर्टी बहुत जल्दी आ जाती है, जिसे मेडिकल की भाषा में ‘प्रीकोशियस प्यूबर्टी’ कहते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, समय से पहले बड़े होने से न सिर्फ बच्ची की हाइट बढ़ना रुक सकती है, बल्कि उनके दिमाग और इमोशन्स पर भी बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, आगे चलकर उन्हें सेहत से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसे केस में माता पिता को तुरंत ध्यान देने की आवश्यक्ता है। सही समय पर डॉक्टर को दिखाने से कारण का पता चल जाएगा और बच्ची को सही इलाज, देखभाल और मानसिक सहारा मिल सकेगा।
First Period at Early Age: बच्चियां इतनी जल्दी क्यों बड़ी हो रही हैं?
भारत और दुनिया के वैज्ञानिकों ने पाया है कि पिछले कुछ सालों में लड़कियों के बड़े होने की उम्र काफी कम हो गई है। इसका कोई एक कारण नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारी बदलती लाइफस्टाइल और पर्यावरण में आए बदलाव इसकी बड़ी वजहें हैं। हालांकि, इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
Childhood Obesity and Puberty: मोटापा और हार्मोन का असर

वक्त से पहले प्यूबर्टी आने का एक बड़ा कारण बचपन का मोटापा है। शरीर में ज्यादा फैट होने से ‘एस्ट्रोजेन’ नाम का हार्मोन ज्यादा बनने लगता है। यह हार्मोन लड़कियों के शारीरिक विकास के लिए जरूरी होता है, लेकिन शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने से लड़कियां समय से पहले ही बड़ी होने लगती हैं।
Reasons for Early Periods: जल्दी प्यूबर्टी के कुछ अन्य कारण

- समय पर न सोना या कम सोना।
- एक्सरसाइज या शारीरिक मेहनत की कमी।
- मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताना।
- बाहर का पैकेट वाला खानाऔर कोल्ड ड्रिंक्स/मीठी चीजें ज्यादा पीना।
- प्लास्टिक, कॉस्मेटिक्स और घरेलू चीजों में मिलने वाले हानिकारक केमिकल्स के संपर्क में आना।
- परिवार में पहले भी किसी के साथ ऐसा हुआ हो (जेनेटिक कारण)।
Precocious Puberty Symptoms: इन लक्षणों पर ध्यान दें पेरेंट्स
- चेहरे पर मुंहासे होना।
- 8 साल से पहले ब्रेस्ट साइज का बढ़ना।
- अचानक से लंबाई बहुत तेजी से बढ़ना।
- शरीर से बड़ों जैसी पसीने की गंध आना।
- गुप्त अंगों या अंडरआर्म्स में बाल आना।
- बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाना।
- चिड़चिड़ापन या मूड में तेजी से बदलाव आना।
Early Periods in Girls Impacts: जल्दी पीरियड्स आने के नुकसान

- टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
- दिल की बीमारियां और हार्मोन से जुड़े कुछ कैंसर।
- समय से पहले ही लंबाई बढ़ना रुक जाना।
- मोटापा और पीसीओएस (PCOS – ओवरी से जुड़ी समस्या)।
Emotional Impact of Early Puberty: मानसिक और भावनात्मक परेशानियां
जो लड़कियां अपनी सहेलियों से पहले बड़ी हो जाती हैं, वे मानसिक रूप से परेशान हो सकती हैं। उन्हें अपने शरीर के बदलावों को लेकर शर्म आ सकती है, स्कूल में बच्चे उनका मजाक उड़ा सकते हैं, और वे पीरियड्स के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होतीं, जिससे वे डर और उलझन में जीती हैं।


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