Home Remedies for Cervical Pain: आजकल की खराब लाइफस्टाइल से लोगों को कई तरह की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों के साथ-साथ जोड़ों का दर्द भी एक आम समस्या हो गई है। लेकिन ज्यादातर लोग सर्वाइकल पेन का सामना कर रहे हैं, जो उनके रोजाना के जीवन पर काफी प्रभाव डालता है। आज के समय में 20-40% लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं।
इसमें ज्यादातर वो लोग शामिल हैं, जो ऑफिस में लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, इनमें पुरुष कम और महिलाएं ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा स्मार्टफोन और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करने से सर्वाइकल दर्द के मामलों ज्यादा बढ़ते हैं। अगर आप अपनी गर्दन में लगातार दर्द महसूस कर रहे हैं, तो यहां जानिए, इसके लक्षण और घरेलू उपाय के बारे में।
Home Remedies for Cervical Pain: सर्वाइकल पेन के कारण

- अगर आप ज्यादा समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं या मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो झुककर बैठने की आदतें सर्वाइकल पेन का कारण बन सकती हैं।
- यह समस्या एक प्रकार का गठिया है, जिससे सर्वाइकल स्पाइन की हड्डियों बहुत ज्यादा सफर करती हैं। सर्वाइकल स्पाइन के जोड़ों में आर्थराइटिस की समस्या होने पर सर्वाइकल पेन हो सकता है।
- इसका पैन और ज्यादा तब बढ़ जाता है, जब सर्वाइकल डिस्क अपनी जगह से हट जाती है या उभर जाती है, तो यह नसों पर दबाव के कारण दर्द होता है।
- जब भी आप भारी सामान उठाते हैं, तो अचानक गर्दन को झटका लगता है या सोते समय गर्दन को गलत तरह रखने की वजह से मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दर्द होता है।
- अगर आपका कभी एक्सीडेंट या चोट लगी है, तो इसकी वजह से भी सर्वाइकल पेन हो सकता है।
- उम्र के साथ सर्वाइकल स्पाइन में कई बदलाव आते हैं, जिसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और सर्वाइकल पेन होने लगता है।
- तनाव, चिंता गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न पैदा करते हैं, जिससे सर्वाइकल पेन हो सकता है ।
Home Remedies for Cervical Pain: सर्वाइकल पेन का घरेलू इलाज

1. गर्म पानी में ईप्सम सॉल्ट डालकर नहाएं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द को कम होता है।
2. रोजाना धीरे-धीरे अपनी गर्दन को दाएं-बाएं घुमाएं। सीधे खड़े होकर या बैठकर अपनी ठुड्डी को छाती की ओर ले जाएं और कुछ सेकंड के लिए इसी पोजीशन में रहें।
3. अपनी गर्दन पर गर्म तिल का तेल, नारियल तेल या जैतून का तेल से मालिश करें। यह ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और मांसपेशियों को आराम देता है।
4. जब भी आप बैठें तो इस बात का ध्यान रखें की रीढ़ को सीधा रखें और गर्दन को सहारा दें। सोते समय गर्दन को सही सहारा देने के लिए अच्छी और मुलायम तकिया का इस्तेमाल करें।
5. हल्दी में कई एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। हल्दी दूध या हल्दी की चाय का सेवन करें। इसके साथ ही अदरक की चाय या अदरक का रस दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।
6. इसके दर्द से राहत पाने के लिए अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं ये तनाव और सूजन को कम करता है। इसके साथ ही त्रिफला पाउडर का सेवन पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है।
7. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक गर्म पानी की बोतल या गरम तौलिये का उपयोग करें। इसे गर्दन पर 15-20 मिनट तक रखें। आइस पैक या ठंडे पानी में भीगे हुए तौलिये का उपयोग करें। इसे 10-15 मिनट तक गर्दन पर रखें। गर्म और ठंडी सिकाई को बारी-बारी से करें।
8. विटामिन D और कैल्शियम से भरपूर चीज़ों का ही सेवन करें, जैसे दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, और मछली।
9. आराम और पर्याप्त नींद लें।
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