सावधान! Premanand Ji Maharaj ने बताए गर्म पानी से नहाने के 7 Shocking Effects, जानिए क्यों कहा “मत करो ये गलती”

Summary :

Premanand Ji Maharaj Advice: आज के समय में व्यक्ति हर काम में अपनी सुविधा और आराम देखता है। लेकिन बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि अगर इंसान अपने जीवन में हर काम को करने में सुविधा खोजेगा तो वह पूरी तरह से कमजोर हो जाएगा। पहले के समय में लोग साधारण जीवन व्यतीत करते थे, वे सादा खाना खाते थे, परिश्रम करते थे, इसलिए वे शारीरिक रूप से मजबूत रहते थे। वहीं, आज लोग अपना आराम देखे बिना कोई काम नहीं करते हैं। यही वजह है कि धीरे-धीरे करके लोगों की सहनशक्ति और आत्मबल खोता जा रहा है। ऐसे में एक…

Premanand Ji Maharaj Advice: आज के समय में व्यक्ति हर काम में अपनी सुविधा और आराम देखता है। लेकिन बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि अगर इंसान अपने जीवन में हर काम को करने में सुविधा खोजेगा तो वह पूरी तरह से कमजोर हो जाएगा। पहले के समय में लोग साधारण जीवन व्यतीत करते थे, वे सादा खाना खाते थे, परिश्रम करते थे, इसलिए वे शारीरिक रूप से मजबूत रहते थे।
वहीं, आज लोग अपना आराम देखे बिना कोई काम नहीं करते हैं। यही वजह है कि धीरे-धीरे करके लोगों की सहनशक्ति और आत्मबल खोता जा रहा है। ऐसे में एक बार इन्हीं सब बातों से जुड़ा एक सवाल किसी ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा। उसने पूछा कि क्या गर्म पानी से नहाना सही है?
Hot Water Bath in Winter
Hot Water Bath in Winter (Photo: Freepik)
अपने भक्त के इस सवाल का जवाब देते हुए महाराज ने कहा कि, ‘अगर व्यक्ति गर्म पानी से नहाएगा तो वह शारीरिक रूप से कमजोर हो जाएगा। दरअसल, गर्म पानी से नहाने के बाद शरीर को आराम मिलता है। गर्म पानी शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा खत्म कर देता। गर्म पानी से स्नान करने से शरीर की प्राकृतिक ठंड को सहने की क्षमता कम हो जाती है और हमारा शरीर और मन दोनों ही नाजुक बन जाते हैं।’

“प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीना चाहिए”-  Premanand Ji Maharaj Advice

Side Effects of Hot Water Bath
Side Effects of Hot Water Bath (Photo: Social Media)
प्रेमानंद महाराज जी कहना है कि, ‘व्यक्ति को प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीना चाहिए। जब इंसान ठंडे पानी से नहाता है तो उसका शरीर प्राकृतिक ठंड का सामना करना और उसे सहन करना सीखता है। इससे शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) बढ़ता है, मानसिक दृढ़ता (Mental Toughness) आती है। साथ ही व्यक्ति में प्राकृतिक ऊर्जा का भी संचार होता है।’
‘ब्रह्मचर्य के पालन के लिए यही शक्ति जरुरी है। आपको पता होना चाहिए कि ब्रह्मचर्य का अर्थ सिर्फ यौन संयम से नहीं बल्कि ऊर्जा को सही दिशा में लगाना भी है। जब व्यक्ति का शरीर दृढ़ और मन संयम में रहेगा तभी उसका ध्यान सही के कार्यों पर केंद्रित होगा।’

कैसे लोग ब्रह्मचर्य के मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं?

Premanand Ji Maharaj Advice
Premanand Ji Maharaj Advice (Photo: Social Media)
अंत में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि, ‘जो लोग सादगी और अनुशासन के साथ जीवन जीते हैं और आराम से ज्यादा सहनशक्ति को महत्व देते हैं, वही लोग ब्रह्मचर्य के मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं। ठंडे पानी से नहाने का अर्थ है वो तपस्या जो शरीर और मन दोनों को शुद्ध कर दे और व्यक्ति को अंदर से मजबूती दे।’

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।