Aaj Ka Panchang 13 May 2026: 13 मई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे अपरा एकादशी या अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का शुभ संयोग बन रहा है। वहीं चंद्रमा का गोचर मीन राशि में रहेगा। आइए जानते हैं 13 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय।
आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 13 May 2026
संवत और मास
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक संवत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास – ज्येष्ठ
अमांत मास – वैशाख
तिथि
कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि दोपहर 01:29 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। अपरा एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
नक्षत्र
इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात 12:17 बजे (14 मई) तक रहेगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान और शांति का प्रतीक माना जाता है।
योग
13 मई को विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 08:55 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान धार्मिक कार्य और साधना करना शुभ फलदायी माना जाता है।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – सुबह 05:32 बजे
सूर्यास्त – शाम 07:03 बजे
चंद्रोदय – 14 मई को सुबह 03:24 बजे
चंद्रास्त – दोपहर 03:19 बजे
मीन राशि में चंद्रमा का गोचर व्यक्ति को भावुक, आध्यात्मिक और संवेदनशील बना सकता है।
अशुभ काल
आज कुछ समय ऐसे हैं, जिनमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:
राहुकाल – दोपहर 12:18 बजे से 01:59 बजे तक
यमगण्ड – सुबह 07:13 बजे से 08:55 बजे तक
गुलिक काल – सुबह 10:36 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
दुर्मुहूर्त – सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
वर्ज्यम् – सुबह 10:29 बजे से दोपहर 12:01 बजे तक
इन समयों में नए कार्य, निवेश और यात्रा शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है।
शुभ काल
13 मई को कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माने गए हैं:
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:15 बजे से 05:03 बजे तक
अमृत काल – शाम 07:41 बजे से रात 09:13 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त ध्यान, जप और साधना के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। वहीं अमृत काल में किए गए शुभ कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
अपरा एकादशी का धार्मिक महत्व
अपरा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसे अचला एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यह एकादशी पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है।
भक्त इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना भी इस दिन शुभ माना गया है।
ज्योतिषीय महत्व
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग इस दिन को और अधिक प्रभावशाली बना रहा है। मीन राशि में चंद्रमा का गोचर आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। यह दिन आत्मचिंतन, धार्मिक कार्यों और मानसिक शांति के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
Aaj Ka Panchang 13 May 2026: 13 मई 2026 का दिन धार्मिक आस्था और शुभ योगों से भरपूर रहने वाला है। अपरा एकादशी, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और विष्कुम्भ योग के प्रभाव से पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व रहेगा। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सतर्कता बरतना जरूरी होगा। सही मुहूर्त में किए गए कार्य सकारात्मक फल और मानसिक शांति प्रदान कर सकते हैं।


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