Aaj Ka Panchang 24 June 2026: बुधवार, 24 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन चित्रा नक्षत्र और परिघ योग का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा का गोचर तुला राशि में रहेगा, जिसके स्वामी ग्रह शुक्र हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन सामाजिक संबंधों, रचनात्मक कार्यों और नए प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं 24 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के शुभ-अशुभ समय।
आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 24 June 2026
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: ज्येष्ठ
अमांत मास: ज्येष्ठ
तिथि
शुक्ल पक्ष दशमी तिथि शाम 06:12 बजे तक रहेगी।
इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा।
नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र दोपहर 01:59 बजे तक रहेगा।
इसके बाद स्वाति नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग
परिघ योग सुबह 10:23 बजे तक प्रभावी रहेगा।
इसके बाद शिव योग का आरंभ होगा।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:23 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 02:42 बजे
चंद्रास्त: 25 जून को रात्रि 01:35 बजे
अशुभ काल
किसी भी महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य को करते समय इन समयों से बचना शुभ माना जाता है।
राहुकाल: दोपहर 12:24 बजे से 02:08 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 07:09 बजे से 08:54 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:39 बजे से 12:24 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक
वर्ज्य काल: रात 08:10 बजे से 09:56 बजे तक
शुभ काल
धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए निम्न समय शुभ माने गए हैं।
अमृत काल: सुबह 07:01 बजे से 08:46 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:04 बजे से 04:44 बजे तक
शुभ योग
रवि योग
24 जून को रवि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। ज्योतिष में रवि योग को अत्यंत शुभ और सफलता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावना बढ़ जाती है।
यह योग विशेष रूप से नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, व्यापारिक निर्णय, शिक्षा संबंधी गतिविधियों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए लाभकारी माना जाता है।
आज का ज्योतिषीय महत्व
Aaj Ka Panchang 24 June 2026: ज्येष्ठ मास की शुक्ल दशमी तिथि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। तुला राशि में चंद्रमा का गोचर लोगों के भीतर संतुलन, सौंदर्यबोध और सामंजस्य की भावना को बढ़ा सकता है। वहीं चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, कला और योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की प्रेरणा देता है।
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो अमृत काल और रवि योग का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा।
नोट: पंचांग में दिए गए समय स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। किसी विशेष पूजा, मांगलिक कार्य या शुभ मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।


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