अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद से संबंधित एक वादकार ने इस मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करते हुये मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया है। वादकार गोपाल सिंह विशारद का कहना है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति में बहुत कुछ नहीं हो रहा है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ से विशारद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी एस नरसिम्हा ने इस मामले का उल्लेख करते हुये कहा कि मालिकाना हक के इस विवाद को शीघ्र सुनवाई के लिये न्यायालय में सूचीबद्ध किये जाने की आवश्यकता है।
नरसिम्हा ने कहा कि तीन सदस्यीय समिति को न्यायालय द्वारा सौंपे गये भूमि विवाद के इस मामले में अधिक कुछ नहीं हो रहा है। इस पर पीठ ने जानना चाहा कि क्या आपने शीघ्र सुनवाई के लिये आवेदन किया है। इस पर नरसिम्हा ने सकारात्मक जवाब दिया।


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