देहरादून : इस महीने की 11 तारीख को प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंग बांध व जमरानी बांध को लेकर बैठक बुलाई गई है। इसमें पीएमओ व उत्तराखंड शासन के अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। सौंग बांध व जमरानी बांध दोनों ही मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण इन योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री लगातार प्रयासरत रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व जलशक्ति मंत्रालय से कई बार अनुरोध किया है।
नीति आयोग की गवर्निंग बाडी की बैठक में भी इस बाबत पुरजोर तरीके से उठाया गया था। मुख्यमंत्री स्वयं इनके लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरे करने की प्रक्रियाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। देहरादून की पेयजल आपूर्ति में सौंग बांध वरदान साबित होगा। इससे देहरादून जिले को तीस वर्ष से अधिक निर्बाध जल की आपूर्ति सम्भव होगी। इससे ग्रेविटी पर पानी की उपलब्धता रहेगी। सौंग बांध के लिए हाईड्रोलॉजीकल क्लीयरेंस, इंटर स्टेट मैटर क्लीयरेंस एवं जल संवहन प्रणाली का डिजाईन का निरीक्षण आईआईटी रूड़की द्वारा करवा लिया गया है।
बांध के डिजाईन, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, पर्यावरणीय क्लीयरेंस आदि का कार्य गतिमान है। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में प्रस्तावित जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। इससे सिंचाई व पेयजल का लाभ मिलने के साथ ही बिजली भी मिलेगी। जमरानी बांध का भी हाईड्रोलॉजीकल क्लीयरेंस, डैम डिजाईन कन्सट्रक्शन मशीनरी आदि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। फर्स्ट स्टेज फॉरेस्ट क्लीयरेंस, टीएसी प्रोजेक्ट आदि का कार्य पूर्ण हो गया है। पर्यावरणीय क्लीयरेंस, स्टेज 2 फॉरेस्ट क्लीयरेंस का कार्य प्रगति पर है।


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