चीनी नौसेना को मिले संसाधनों की सावधानीपूर्वक निगरानी करनी होगी : नौसेना प्रमुख

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(पीएलए की) अन्य इकाइयों से पीएलए नौसेना को काफी सारे संसाधन दिये गए हैं और यह कार्य एक वैश्विक शक्ति बनने के उसके इरादे से किया गया है।

नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह ने गुरुवार को कहा कि चीन ने अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की अन्य इकाइयों से पीएलए नेवी में काफी संसाधन भेजे हैं और भारत को इसकी सावधानीपूर्वक निगरानी करनी होगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही चीनी रक्षा मंत्रालय ने अपने सैन्य विकास पर ‘‘नये युग में चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा’’ शीर्षक से एक श्वेत पत्र जारी किया है। 
इसमें भारत, अमेरिका, रूस एवं अन्य देशों की तुलना में चीन के सैन्य विकास के विभिन्न पहलुओं को छुआ गया है। करमबीर सिंह ने यहां एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह महज चीनी श्वेत पत्र नहीं है, बल्कि अतीत में भी यह कहा गया है। 

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(पीएलए की) अन्य इकाइयों से पीएलए नौसेना को काफी सारे संसाधन दिये गए हैं और यह कार्य एक वैश्विक शक्ति बनने के उसके इरादे से किया गया है। हमें इसे सावधानीपूर्वक देखना होगा और इस बात पर गौर करना होगा कि हम अपने बजट और दायरे में किस तरह से इसका जवाब दे सकते हैं।’’ 
दूसरे स्वदेशी विमानवाहक पोत के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारी योजना इलेक्ट्रिकल प्रणोदन और ‘कैटोबार’ के साथ 65,000 टन का जहाज बनाना है।’’ कैटोबार (सीएटीओबीएआर) एक ऐसी प्रणाली है जिसका इस्तेमाल किसी विमानवाहक पोत पर किसी विमान के ‘‘लॉंच या रिकवरी’’ में इस्तेमाल किया जाता है। 
रक्षा क्षेत्र के बारे में बजट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमें नौसेना का निर्माण करने के लिए दीर्घकालीन वित्तीय सहयोग की जरूरत है, सिर्फ इसी तरीके से हम योजना बना सकते हैं…।’’

Desk Team