कोविड-19 के नए वैरिएंट ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना का JN.1 स्ट्रेन पहले के वैरिएंट्स से कहीं ज्यादा संक्रामक हो सकता है। हाल ही में, केरल से JN.1 वैरिएंट का मामला सामने आया है। 78 साल की बुजुर्ग महिला के RT-PCR पॉजिटिव सैंपल में यह वैरिएंट मिला है। महिला को इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे। अब वह ठीक हो चुकी हैं। JN.1 वैरिएंट दुनियाभर में कोविड के मामले बढ़ा रहा है। सिंगापुर में तो हफ्ते भर के भीतर 56,000 नए मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि वायरस विकसित हो रहा है और लगातार बदल रहा है। WHO ने JN.1 को BA.2.86 का सब-वैरिएंट बताया है। इसके स्पाइक प्रोटीन में सिर्फ एक अतिरिक्त म्यूटेशन है। WHO ने कोविड के साथ-साथ इंफ्लुएंजा और अन्य वायरस के साथ-साथ बैक्टीरिया फैलने पर भी चिंता जाहिर की है।
पहले के वैरिएंट्स से कितना अलग है यह JN.1?
नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष राजीव जयदेवन के अनुसार, ‘JN.1 एक गंभीर रूप से प्रतिरक्षा-रोधी और तेजी से फैलने वाला वैरिएंट है, जो XBB और इस वायरस के पहले के सभी वैरिएंट्स से स्पष्ट रूप से अलग है. यह उन लोगों को संक्रमित करने में सक्षम है जिन्हें पहले भी कोविड संक्रमण हुआ था और जिन लोगों को टीका लगाया गया था.


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