केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्यों और केन्द्र, शासित प्रदेशों से सहयोग करने की अपील करते हुये शुक्रवार को कहा कि यदि राज्य और केन्द, मिलकर काम नहीं करेंगे तो कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है।
श्रीमती सीतारमण ने शुक्रवार को यहां राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि केन्द्र, की जिम्मेदारी आर्थिक विकास के लिए मार्गदर्शन और योजना बनाना है जबकि राज्यों की जिम्मेदारी इसको मैदानी स्तर पर क्रियान्वित करना है।

उन्होंने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप केन्द्रीय राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी को 32 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत किये जाने का उल्लेख करते हुये कहा कि हाल में राज्यों को केन्द्रीय राजस्व में मिली हिस्सेदारी 8,29,344 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,38,274 करोड़ रुपये हो गया है।
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उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में राज्यों और केन्द, शासित प्रदेशों को वह अपनी ओर से पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। इस बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री के साथ ही वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव सुभाष चंद, गर्ग, व्यय सचिव जी सी मुर्मू, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय के साथ ही केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


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