केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि सरकार की कोशिश लोगों के हाथों में पैसा देने की है, जससे लोगों की खर्च करने की क्षमता बड़ाई जा सके।
निर्मला सीतारमण ने कहा, “अर्थव्यवस्था में उपभोग को हर हालत में बढ़ाना होगा, और हम जो कह रहे हैं उसमें ये तथ्य अंतर्निहित है, इस उपभोग को बढ़ाने का तरीका यह है कि लोगों के हाथ में पैसा दिया जाए ताकि वे ज्यादा से ज्यादा खर्च कर सकें।“
वित्त मंत्री ओबेरॉय होटल में बजट पर चल रहे एक परिचर्चा में शिरकत कर रही थीं. कार्यक्रम का संचालन इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल ने किया. कार्यक्रम में जब वित्त मंत्री से पूछा गया कि सरकार अर्थव्यवस्था में उपभोग को कैसे बढ़ावा देगी, तो उन्होंने सरकार के उपायों को बताया और कहा, “एक तो वही पुराना और सबसे गोल्डन तरीका है कि हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करें, दूसरा ये है कि हम ग्रामीण इलाकों की ओर ज्यादा से ज्यादा फोकस करें और नई तकनीक को अपनाएं।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर लोगों के हाथ में भेजा गया कुछ भी बेकार नहीं जाता है. उन्होंने कहा, “जनता के हाथ में दिया गया कुछ भी बेकार नहीं जाता है। यदि सही वक्त पर सही पैसा लोगों तक पहुंचता है तो निश्चित रूप से उपभोग बढ़ेगा।“
इस कार्यक्रम में भारत के कॉरपोरेट वर्ल्ड की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं. कार्यक्रम में उदय कोटक, चंद्रजीत बनर्जी, संजीव गोएनका, अजित रानाडे, समीरन चक्रबर्ती और अर्थशास्त्री इला पटनायक ने शिरकत किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि उद्योग जगत में नई आशा का संचार करने के लिए इंडस्ट्री को पर्याप्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार को इंडिया इंक पर पूरा भरोसा है।
बता दें कि वित्त मंत्री ने अपने पहले बजट भाषण में अगले पांच सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर 100 लाख करोड़ खर्च करने की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने कहा था कि इस रकम को खर्च करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा।


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