गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के 81वें स्थापना दिवस पर बल को शुभकामनाएं देते हुए शनिवार को कहा कि विभिन्न इलाकों में सेवाएं दे रहे देश से सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल की प्रतिबद्धता और समर्पण असाधारण है। शाह ने यह भी कहा कि भारत को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की वीरता और साहस पर गर्व है।
उन्होंने ट्वीट किया, “सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर मैं सीआरपीएफ के जवानों और उनके परिजन को शुभकामनाएं देता हूं। विभिन्न इलाकों में हमारे देश की रक्षा कर रहे सीआरपीएफ का समर्पण और प्रतिबद्धता असाधारण है।”

बता दें कि सीआरपीएफ का गठन 1939 में ‘शाही प्रतिनिधि पुलिस’ के रूप में हुआ था। सीआरपीएफ अधिनियम के 28 दिसम्बर, 1949 में लागू होने पर इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कर दिया गया। यह बल 208 कार्यकारी बटालियनों, छह महिला बटालियनों, 15 आरएएफ बटालियनों, 10 कोबरा बटालियनों समेत कुल 246 बटालियनों के साथ एक बड़ा संगठन बन चुका है।
एक बटालियन में करीब 1000 जवान हैं। बल में पांच सिग्नल बटालियन, एक विशेष कार्य समूह, एक संसद ड्यूटी समूह, 43 समूह केन्द्र, 20 प्रशिक्षण संस्थान, 100 बिस्तरों की क्षमता वाले चार कम्पोजिट अस्पताल और 50 बिस्तरों की क्षमता वाले 17 कम्पोजिट अस्पताल हैं| सीआरपीएफ का मिशन संविधान की सर्वोच्चता को कायम रखते हुए राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने, सामाजिक समानता और विकास को बढ़ावा देने के लिए कानून, लोक व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा के नियम को प्रभावी ढंग से एवं कुशलतापूर्वक लागू करने में सरकार को सक्षम बनाना है।


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