सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक सार्वजनिक मुकदमे पर केंद्र सरकार का जवाब मांगा, जिसमें अर्धचंद्र व तारे के साथ हरे झंडों पर प्रतिबंध की मांग की गई है। यह झंडा पाकिस्तान मुस्लिम लीग के झंडे की तरह दिखता है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख सैयद वसीम रिजवी ने दाखिल किया है। रिजवी ने कहा कि इस तरह के झंडों को देश में इमारतों व धार्मिक जगहों पर फहराना गैर इस्लामिक है। इस तरह के झंडे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में फहराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरे रंग की पृष्ठभूमि में अर्धचंद्र व तारा कभी इस्लामिक परंपरा का हिस्सा नहीं रहे हैं। रिजवी ने पाकिस्तान मुस्लिम पार्टी के झंडे को फहराने वाले व्यक्तियों व संगठनों के खिलाफ निर्देश देने की भी मांग की।


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