नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग बेहद महत्व रखता है। इसके पांचों अंग अर्थात योग, करण, तिथि, वार और नक्षत्र के आधार पर ही दिन की शुरुआत से लेकर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 19 अप्रैल का पंचांग देखें तो रविवार को बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है।
19 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। साथ ही अभिजित मुहूर्त भी उपलब्ध रहेगा, जो महत्वपूर्ण काम शुरू करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।सूर्योदय 5 बजकर 52 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगा।
द्वितीया तिथि सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। उसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन द्वितीया का मान होगा। नक्षत्र भरणी सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र लगेगा, जो 20 अप्रैल की सुबह 4 बजकर 35 मिनट तक चलेगा। योग आयुष्मान शाम 8 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। वहीं, करण कौलव करण सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक और उसके बाद तैतिल करण शाम 9 बजकर 7 मिनट तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 48 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशीथ मुहूर्त रात 11 बजकर 58 मिनट से देर रात 12 बजकर 42 मिनट (20 अप्रैल) तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल शाम 5 बजकर 12 मिनट से 6 बजकर 49 मिनट तक। इस दौरान कोई शुभ कार्य न करें। यमगंड दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक। गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 35 मिनट से 5 बजकर 12 मिनट तक। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 5 मिनट से 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। आडल योग सुबह 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक। विडाल योग सुबह 7 बजकर 10 मिनट से 20 अप्रैल की सुबह 4 बजकर 35 मिनट तक। वर्ज्य समय शाम 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
–आईएएनएस
एमटी/एएस
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