अहमदाबाद, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के राम मंदिर चंदा चोरी पर दिए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अहमदाबाद में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि जो लोग दो-ढाई साल तक राम लला के अस्तित्व को ही नहीं मानते थे और मंदिर नहीं गए, आज वही राम लला को आस्था का प्रतीक बता रहे हैं। राम मंदिर आस्था का केंद्र है, राजनीति का नहीं। पहले उन नेताओं को राम लला के दरबार में जाकर माफी मांगनी चाहिए और प्रायश्चित करना चाहिए।
कांग्रेस को लेकर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब मुख्य चुनाव आयुक्त गोपालस्वामी ने चुनाव आयुक्त नवीन चावला के खिलाफ राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। उन पर गंभीर आरोप थे कि वे कांग्रेस के साथ मिलकर जानकारी साझा करते थे। फिर भी कांग्रेस ने उन्हें हटाने की बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया और 2009 का चुनाव उनके नेतृत्व में कराया।
गुप्ता ने पूछा कि क्या चुनाव आयोग के साथ अन्याय नहीं हुआ। क्या यह छेड़छाड़ नहीं थी? जिस व्यक्ति पर आरोप थे, उसी के अधीन चुनाव कराना वोट चोरी जैसा नहीं है क्या?
मौजूदा चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि आज पूरा विश्व देख रहा है कि भारत का चुनाव आयोग बहुत अच्छे तरीके से काम कर रहा है। इसके अधिकारी दूसरे देशों में ट्रेनिंग दे रहे हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में भी शांतिपूर्ण चुनाव हो रहे हैं, जहां पहले बूथ कैप्चरिंग होती थी लेकिन जब नतीजे कांग्रेस के खिलाफ जाते हैं, तब वे आरोप लगाते हैं।
26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि के बयान का जिक्र करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि उन्होंने दावा किया है कि 26/11 हमला पाकिस्तान की आईएसआई और कांग्रेस के बीच फिक्स मैच था। उन्होंने मांग की कि इस गंभीर आरोप की गहन जांच होनी चाहिए और सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
यूपी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस है, वहां-वहां विनाश तय है। उत्तर प्रदेश के दो भाइयों का यह गठबंधन भी ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं है। बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में जो हुआ, वही यहां भी होगा। एक तरफ कांग्रेस खुद को इंडी गठबंधन का संरक्षक बताती है। दूसरी तरफ उसके अपने नेता सहयोगी दलों पर ही हमला बोलते हैं। यह दोहरा रवैया और दोगली राजनीति ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ कैसा व्यवहार किया है, इसका उदाहरण सबके सामने है।
उन्होंने जहां-जहां कांग्रेस किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ जाती है, वह पार्टी कमजोर हो जाती है। अखिलेश यादव को सोचना होगा कि उन्हें क्या करना है, क्योंकि यूपी की जनता ने सुशासन वाली सरकार के साथ जाने का मन बना लिया है।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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