8 मई का पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी पर सर्वार्थ सिद्धि-रवि योग के साथ विजय मुहूर्त, भद्रा भी रहेगी प्रभावी

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नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। पंचांग के पांचों अंग (तिथि, वार, करण, योग, नक्षत्र ) के आधार पर ही दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 8 मई (शुक्रवार) का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, विजय मुहूर्त और रवि योग एक साथ उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, भद्रा भी प्रभावी रहेगी। सूर्योदय 5 बजकर 35 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा।…

नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। पंचांग के पांचों अंग (तिथि, वार, करण, योग, नक्षत्र ) के आधार पर ही दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 8 मई (शुक्रवार) का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, विजय मुहूर्त और रवि योग एक साथ उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, भद्रा भी प्रभावी रहेगी। सूर्योदय 5 बजकर 35 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। तिथि ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि उदयातिथि (सूर्य उदय के समय जो तिथि रहती है) के अनुसार पूरे दिन षष्ठी तिथि ही रहेगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शाम 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र लगेगा। योग शुभ व करण वणिज रहेगा।

शुक्रवार का सबसे महत्वपूर्ण संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग का है, जो शाम 9 बजकर 20 मिनट से 9 मई की सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इस योग में शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य की पूर्ण सफलता मिलने की मान्यता है। रवि योग भी पूरे दिन यानी सुबह 5 बजकर 35 मिनट से रात 9 बजकर 20 मिनट तक बना रहेगा। रवि योग में किए गए कार्यों को विशेष बल और तेजी मिलती है। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में कोई भी नया काम, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ फलदायी साबित हो सकता है।

वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। अमृत काल दोपहर 2 बजकर 15 मिनट से 4 बजकर 1 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

अशुभ समय का विचार करें तो भद्रा दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से अगले दिन (9 मई) देर रात 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। भद्रा के समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए। राहुकाल सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक, यमगंड दोपहर 3 बजकर 39 मिनट से शाम 5 बजकर 20 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 56 मिनट तक, दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 16 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

–आईएएनएस

एमटी/वीसी

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