अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से की अनशन तोड़ने की अपील, बोले- हम प्रोटेस्ट को जारी रखेंगे

Summary :

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से अपनी 25 दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। दिपके ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे का हवाला देते हुए उनसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से अनशन ख़त्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 25वां दिन है और इतने दिन बिना खाए-पिए रहने से उनकी जान पर बहुत बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि आप हंगर स्ट्राइक तोड़ दे, हम प्रोटेस्ट जारी रखेंगे और ये किसी भी हालात में नहीं रुकेगा।

‘जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते,हम पीछे नहीं हटेंगे’- अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मैं नहीं चाहता कि सोनम सर को कुछ हो जाए। इसलिए में सोनम सर ने रिक्वेस्ट करता हूं कि वो अपना हंगर स्ट्राइक को तोड़ दें, हम इस प्रोटेस्ट को जारी रखेंगे। में भरोसा दिलाता हूं कि अगर सोनम सर अपना हंगर स्ट्राइक तोड़ भी देंगे, तब भी हम अपना प्रोटेस्ट जारी रखेंगे। हम तक तब पीछे नहीं हटेंगे, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।

दिपके ने प्रदर्शनकारियों से की शांति बनाए रखने की अपील

दीपक ने आगे कहा कि हमारा प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण तरीके से ही आगे बढ़ेगा। मैं अपने सपोर्टर्स से अपील करता हूं कि वे भी शांति बनाए रखें और प्रदर्शन के दौरान ऐसा काम न करें, जिससे हमारे प्रोटेस्ट और देश की बदनामी हो। जो लोग भी गलत काम कर रहे हैं, वो न हमारे प्रोटेस्ट का हिस्सा थे और न होंगे। हमारा प्रोटेस्ट महात्मा गांधी और डॉ. भीम राम अंबेडकर के रास्ते पर चलेगा और शांति से जारी रहेगा।

मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं सोनम वांगचुक

आपको बता दें कि जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी में 28 जून को सोनम वांगचुक ने हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। यह हड़ताल परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुई थी। 18 जुलाई को वांगचुक को जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद 21 जुलाई, मंगलवार को वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।