कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ किये जाने के बाद शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार जब किसी संकट में होती है तब वह इसी तरह से जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करती है, ताकि विमर्श को बदला जा सके।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘अगर आप विश्लेषण करेंगे तो पता चलेगा कि जब कभी कोई चुनाव आता है या सरकार के सामने कोई संकट होता है तब जांच एजेंसियों सक्रिय हो जाती हैं।’’
पटेल ने दावा किया, ‘‘ दुर्भाग्यपूर्ण है कि अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संकट से निपटने में मोदी सरकार की विफलता इतनी बड़ी है कि कोई भी एजेंसी विमर्श बदलने में मददगार नहीं हो सकती।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी और चीन से लड़ने के बजाय यह सरकार विपक्ष से लड़ने में ज्यादा उत्सुक है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और न हमें सरकार की आलोचना करने और उसकी नाकामियों एवं उसके पहले के भ्रष्टाचार को बेनकाब करने में कोई डर है।’’ गौरतलब है कि ईडी की एक टीम ने संदेसरा बंधुओं से संबंधित कथित धनशोधन मामले में शनिवार को पटेल से पूछताछ की।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की तीन सदस्यीय टीम मध्य दिल्ली के लुटियंस जोन में 23, मदर टेरेसा क्रीसेंट स्थित पटेल के आवास पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे पहुंची। उन्होंने कहा कि पटेल का बयान धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जा रहा है और संदेसरा बंधुओं के साथ उनके कथित संबंधों के बारे में भी पूछताछ की गई।


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