सरकार संभावित बोलीदाताओं को आकर्षित करने के लिए एयर इंडिया के परिसंपत्ति मूल्यांकन नियमों को आसान बनाते हुए बोलीदाताओं को उद्यम मूल्य के आधार पर पेशकश करने की इजाजात देगी। इस क्रम में सरकार घाटे में चल रही इस सार्वजनिक विमानन कंपनी के लिए आरंभिक अभिरुचि पत्र दाखिल करने की तारीख को 15 दिसंबर तक बढ़ा सकती है।सूत्र ने कहा कि उद्यम मूल्य के आधार पर बोली आमंत्रित की जाएगी, जो अधिग्रहण सौदों के लिए एक लोकप्रिय मूल्यांकन पद्धति है।
उद्यम मूल्य (ईवी) कंपनी की कुल कीमत का मूल्यांकन करने का तरीका है, जिसका इस्तेमाल अक्सर इक्विटी बाजार पूंजीकरण के अधिक व्यापक विकल्प के रूप में किया जाता है। ईवी की गणना में कंपनी का बाजार पूंजीकरण शामिल होता है, लेकिन साथ ही इसमें छोटी या लंबी अवधि के किसी ऋण के साथ ही कंपनी के बहीखातों में नकदी को भी शामिल किया जाता है। सूत्रों ने कहा कि सरकार प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) से बोलीदाता द्वारा एक निश्चत ऋण राशि का दायित्व लेन करने की शर्त को हटा देगी।
सूत्र ने कहा कि बोली लगाने वालों को पूरी कंपनी के लिए पेशकश करने के लिए कहा जाएगा, जिसकी 85 फीसदी राशि कर्ज चुकाने में चली जाएगी और शेष राशि सरकार को मिलेगी। ‘‘मूल्य निर्धारण पद्धति में बदलाव किए जा रहे हैं। सीजीडी (विनिवेश पर प्रधान समूह) ने इसे मंजूरी दे दी है और इसे एआईएसएएम (एयर इंडिया स्पेसिफिक अल्टरनेटिव मैकेनिज्म) के समक्ष रखा जाएगा। एयर इंडिया की बोली की समय सीमा 15 दिसंबर तक बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है।’’ एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की समय सीमा 30 अक्टूबर को खत्म होने वाली है और यह समय सीमा में पांचवा विस्तार होगा।


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