अक्षय तृतीया विशेष : सोना नहीं तो ये चीजें खरीदना होगा शुभ, बरकत के साथ घर में सुख-समृद्धि का होगा वास

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नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘कभी कम न होने वाला’। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, जप या यज्ञ का फल कभी समाप्त नहीं होता बल्कि सदैव बढ़ता रहता है। इस साल अक्षय तृतीया रविवार 19 अप्रैल को है। इस दिन सोना खरीदने की परंपरा बहुत प्राचीन है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदा…

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘कभी कम न होने वाला’। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, जप या यज्ञ का फल कभी समाप्त नहीं होता बल्कि सदैव बढ़ता रहता है।

इस साल अक्षय तृतीया रविवार 19 अप्रैल को है। इस दिन सोना खरीदने की परंपरा बहुत प्राचीन है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदा गया सोना कभी क्षय नहीं होता और इसमें निरंतर वृद्धि होती रहती है। यह दिन सौभाग्य, समृद्धि और सफलता देने वाला माना जाता है। सोना हीं नहीं किए गए पुण्य कर्म भी खत्म नहीं होते और कई गुना फल मिलता है।

दृक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की पूजा का मुहूर्त रविवार सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। वहीं, तृतीया तिथि 19 अप्रैल की सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 20 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

इस शुभ मुहूर्त में पूजा, दान और नई चीजें खरीदना अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन सोने का खासा महत्व है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा इसलिए है क्योंकि यह सूर्य देव और माता लक्ष्मी दोनों को प्रसन्न करता है। सोना खरीदने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

हालांकि, महंगाई के इस दौर में सोना खरीदना सबके बस की बात नहीं है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर सोना न खरीद पाने पर मलाल करने की जरुरत नहीं है। विकल्प के तौर पर कुछ चीजें खरीदना बेहद शुभ माना जाता है-

मिट्टी का बर्तन – यह मंगल ग्रह को मजबूत करता है, कर्ज मुक्ति और अड़चनों से राहत दिलाता है।

रूई – शुक्र ग्रह से संबंधित, माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है और दरिद्रता दूर होगी है।

हल्दी की गांठ – यह गुरु ग्रह को बल देती है, जीवन में स्थिरता और सम्मान बढ़ाती है।

पीली सरसों – दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा दूर करती है।

पीली कौड़ी – धन, संपत्ति और समृद्धि को आकर्षित करती है।

इनके अलावा तांबा खरीदना भी शुभ माना जाता है। यह सूर्य को मजबूत करता है और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ाता है। साथ ही इस दिन सफेद चीजों जैसे दूध, दही, चावल, खीरका दान करना विशेष फलदायी है। आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। नए वस्त्र, आभूषण, घर या संस्था का उद्घाटन करना भी शुभ माना जाता है।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम

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