गुजरात के बनासकांठा जिले की दांता तहसील में अंबाजी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह मंदिर गुजरात और राजस्थान के बॉर्डर इलाके में हैं। अरावली की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर का इतिहास भी भव्य है। यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है, इस मंदिर में माना जाता है कि यहां माता सती का हृदय है। अब इस मंदिर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर के दान पात्र से चोरी की खबरें और वीडियो सामने आए हैं। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य पुजारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इन तीन लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई

बता दें कि शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में दान पत्र से चोरी की खबरे काफी चर्चा में हैं। इस वारदात से लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से दान पेटी से नकदी चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, मंदिर ट्रस्ट ने आंतरिक जांच शुरू की और परिसर में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की; इसके बाद, उन्होंने तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आगे पुलिस कार्रवाई की सिफारिश की। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर के साथ विवेक शर्मा व निकुंज पटेल शामिल है। इन्हें गिरफ्तार कर चोरी से जुड़े घटनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोप है कि मंदिर में आउटसोर्स कर्मचारी चिराग ठाकोर ने अन्य दान गिनने वाले कर्मचारियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। आरोप है कि ये तीनों ने 5 मई को नोटों की गिनती के समय एक बंडल अपने पैरों के नीचे छिपाया। जो वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया। इसके बाद तीनों बारी-बारी से नोटों की गिनती के दौरान बाथरूम जाने के बहाने वहां से बाहर निकला। तभी जेब से नोटों का बंडल उनके पैकेट से नीचे गिर गया। इसके बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने इसकी जानकारी मंदिर ट्रस्ट को दी। इस घटना के बाद आगे की कार्रवाई शुरू हुई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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