मध्य प्रदेश : बांधवगढ़ में जंगल सफारी का रोमांच शुरू, देश-विदेश से पहुंचे पर्यटक

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उमरिया, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार हो गया है। एक अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही पार्क के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। लंबे इंतजार के बाद जंगल सफारी शुरू होने से पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में सैलानी बांधवगढ़ पहुंचे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मानसून के कारण हर साल 30 जून से पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं। करीब तीन महीने के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर से…

उमरिया, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार हो गया है। एक अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही पार्क के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। लंबे इंतजार के बाद जंगल सफारी शुरू होने से पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में सैलानी बांधवगढ़ पहुंचे।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मानसून के कारण हर साल 30 जून से पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं। करीब तीन महीने के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर से पार्क फिर से खुलता है। इस बार भी पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही रिजर्व में रौनक लौट आई है। जानकारी के अनुसार, नए सत्र के लिए ऑनलाइन बुकिंग पहले ही लगभग फुल हो चुकी है, जिससे इस बार भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है।

पहले दिन ही मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों से पर्यटक बांधवगढ़ पहुंचे हैं। इतना ही नहीं, विदेशी पर्यटकों में भी बांधवगढ़ की जंगल सफारी को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा है।

पर्यटक न केवल बाघ के दीदार के लिए उत्साहित हैं, बल्कि यहां की समृद्ध जैव विविधता, घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और अन्य वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए भी बेताब हैं। बांधवगढ़ बाघों की सबसे ज्यादा आबादी वाले टाइगर रिजर्व में से एक माना जाता है, इसलिए यहां टाइगर साइटिंग की संभावना सबसे अधिक रहती है।

बांधवगढ़ पहुंचे पर्यटकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। गोवा से आई पर्यटक अनहता ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्होंने पहली बार जंगल सफारी का आनंद बांधवगढ़ में ही लिया था। लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि वह पहले ही दिन सफारी का हिस्सा बनें। इस बार उनका यह सपना पूरा हुआ है।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को उनका जन्मदिन है, इसलिए इस मौके पर यहां आना उनके लिए और भी खास है। उन्हें उम्मीद है कि जंगल में बाघ दिखेगा और उनकी यह यात्रा यादगार बन जाएगी।

वहीं, अमेरिका से आई पर्यटक एमी ने बताया कि वह 2017 से लगातार बांधवगढ़ आ रही हैं। यह वही जगह है, जहां उन्होंने अपने जीवन में पहली बार बाघ देखा था। इसलिए बांधवगढ़ उनके दिल के बेहद करीब है। इसके बाद उन्होंने कई जगहों पर टाइगर देखे, लेकिन इस जगह की बात ही अलग है।

पहली बार बांधवगढ़ आए पर्यटक शेखर ने कहा कि उन्होंने सुना है कि टाइगर साइटिंग की सबसे ज्यादा संभावना बांधवगढ़ में ही है, इसलिए वह यहां जंगल सफारी का अनुभव लेने पहुंचे हैं।

पर्यटकों के स्वागत के लिए वन विभाग और पार्क प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि पहले दिन बड़ी संख्या में पर्यटक रिजर्व में पहुंचे हैं। विदेशी पर्यटक भी यहां आए हैं। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सफारी रूट को दुरुस्त किया गया है। प्रवेश द्वारों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। गाइड और जिप्सी की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पार्क प्रबंधन पूरी तरह से मुस्तैद है। जंगल के नियमों का पालन कराने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।

–आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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IANS Agency

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