आईपीएल 2025 की जीत पर RCB ने विक्ट्री परेड आयोजित किया, जो बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में सेलिब्रेट किया गया। इस दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों की संख्या में RCB फैंस पहुंचे। जहां भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए। इस मामले में RCB समेत 4 संगठनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। अब RCB ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जहां टीम ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि राज्य पुलिस की लापरवाही की वजह से ऐसी बड़ी घटना हुई है।
India Population 2025: 1.46 अरब तक पहुंची भारत की जनसंख्या: UNFPA
रिपोर्ट में किया गया दावा
लाइव लौ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में दावा किया गया है कि RCB ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन, डीएनए नेटवर्क्स और पुलिस अधिकारियों के साथ विचार करने के बाद ही विक्ट्री परेड करवाने का ऐलान हुआ था। याचिका में एक और बड़ा दावा किया गया है कि RCB की तरफ से शेयर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट में साफ लिखा था कि मैदान में उन्हीं लोगों को एंट्री दी जाएगी, जिन्होंने RCB की ऑफिसियल वेबसाइट पर पंजीकरण करवाया था।
कोर्ट रूम में क्या-क्या हुआ?
RCB ने याचिका में यह भी बताया गया कि 4 जून की सुबह RCB को मौखिक तौर पर बताया गया था कि बेंगलुरु पुलिस ने विक्ट्री परेड के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। यह भी जानकारी दी गई थी कि विधानसभा पर सीएम सिद्धारमैया RCB टीम को सम्मानित करने की योजना बना रहे हैं।
RCB ने किसे बताया जिम्मेदार?
RCB की तरफ से कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने टीम को सम्मानित करने के लिए बुलाया था। टीम ने सीएम मौर्या के ट्वीट को सबूत के तौर पर पेश किया है।
गेट नंबर 7 सात पर फैली थी अफवाह, इस कारण चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़!


Download Android App
Download iOS App



