ED का बड़ा एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में अमित भारद्वाज की संपत्तियां कुर्क

Summary :

ईडी ने अमित भारद्वाज की 10.63 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने दिवंगत अमित भारद्वाज की 10.63 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। केंद्रीय एजेंसी ने गत 17 फरवरी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। कुर्क की गई संपत्तियों में दुबई, यूएई के प्रमुख व्यवसायिक केंद्रों में स्थित वाणिज्यिक संपत्तियां शामिल हैं।

ईडी ने महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस की ओर से मेसर्स वेरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड, स्वर्गीय अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज और कई एमएलएम एजेंटों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बिटकॉइन के रूप में बड़ी रकम इकट्ठा की और लोगों से 10 प्रतिशत प्रति माह रिटर्न के रूप में पैसे लौटाने की बात कही थी। ईडी के मुताबिक, एकत्र की गई बिटकॉइन का इस्तेमाल बिटकॉइन माइनिंग के लिए किया जाना था और निवेशकों को क्रिप्टो संपत्तियों में बड़ा रिटर्न मिलना था, लेकिन प्रमोटरों ने निवेशकों को धोखा दिया और अवैध रूप से प्राप्त बिटकॉइन को अज्ञात ऑनलाइन वॉलेट में छिपा दिया।

इस मामले में पहले कई तलाशी अभियान चलाए गए थे और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सिम्पी भारद्वाज को 17 दिसंबर 2023 को, 29 दिसंबर 2023 को नितिन गौर को और 16 जनवरी 2023 को निखिल महाजन को गिरफ्तार किया गया था। मुख्य आरोपी अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार हैं। इससे पहले ईडी ने 172 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। अभियोजन शिकायत 11 जून 2019 और पूरक अभियोजन शिकायत 14 फरवरी 2024 को दायर की गई थी। इसके बाद विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने इसका संज्ञान लिया। ईडी ने विदेशों से भी सहायता मांगी है, क्योंकि पीओसी से प्राप्त धन विदेश चला गया है। फिलहाल आगे की जांच जारी है।

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