बिहार: पीएफआई साजिश मामले में एनआईए की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, आरोपियों की संख्या 20 पहुंची

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नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2022 में दर्ज बिहार के एक मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। यह मामला प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की गैरकानूनी और देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ा है, जिनके जरिए राज्य में शांति और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी। एनआईए ने बुधवार को पटना की विशेष अदालत में यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद इस मामले में अब तक गिरफ्तार और आरोपी व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान…

नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2022 में दर्ज बिहार के एक मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। यह मामला प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की गैरकानूनी और देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ा है, जिनके जरिए राज्य में शांति और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही थी।

एनआईए ने बुधवार को पटना की विशेष अदालत में यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद इस मामले में अब तक गिरफ्तार और आरोपी व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान यह पाया गया कि पीएफआई के बिहार राज्य अध्यक्ष महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नदवी और संगठन के राज्य उपाध्यक्ष शमीम अख्तर इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एनआईए के मुताबिक आरोपियों का उद्देश्य समाज में भय का माहौल पैदा करना और धार्मिक वैमनस्य फैलाना था।

इस साजिश का मकसद भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए पीएफआई की विचारधारा को आगे बढ़ाना और इसके लिए आपराधिक ताकतों के इस्तेमाल को सही ठहराना था। जांच के दौरान संगठन के एक आंतरिक दस्तावेज “इंडिया 2047: टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लाम इन इंडिया, इंटरनल डॉक्यूमेंट – नॉट फॉर सर्कुलेशन” का भी जिक्र सामने आया, जिसमें कथित रूप से इस विचारधारा का उल्लेख किया गया है।

एनआईए ने जुलाई 2022 में यह मामला बिहार पुलिस से अपने हाथ में लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि महबूब आलम और शमीम अख्तर पीएफआई कैडर की भर्ती और प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल थे। एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपी अपने अन्य सहयोगियों के साथ पटना के फुलवारी शरीफ इलाके स्थित अहमद पैलेस में आयोजित पीएफआई की बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेते थे।

शुरुआती जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने अहमद पैलेस से पीएफआई का विजन दस्तावेज भी बरामद किया था। एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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