BJP Performance in Rajya Sabha : साल 2024 में लोकसभा के चुनाव हुए, भारतीय जनता पार्टी ने 400 पार का नारा दिया, मगर 240 में सिमट कर रह गई। चुनाव से पिछले 10 साल में यह पहली बार था जब भाजपा अपने दम पर बहुमत नहीं छू सकी, जिस चलते पार्टी को अन्य दलों का सहारा लेना पड़ा।
एक तरफ लोकसभा में जहां भाजपा का बहुमत कम हुआ दूसरी तरफ राज्यसभा में वह मजबूत होती गई। हाल में राज्यसभा में 10 राज्यों में 37 सीटों पर चुनाव हुए। जिसमें ओवरऑल NDA की सीटें बढ़ी हैं। जिसमें वह पहले ही बहुमत को हासिल कर चुकी हैं। मगर सवाल अब भाजपा को लेकर है कि जब देश के अधिकतर राज्यों में भाजपा नीत सरकारें चल रही हैं तो राज्यसभा में उसकी कितनी सीटें हो चुकी हैं।
क्या है राज्यसभा का गणित
बता दें राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं। यहां किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 123 सीटों की जरूरत है। NDA इन सीटों को पिछले साल पार कर चुकी है, पर सवाल यह कि 16 मार्च को हुए चुनाव में भाजपा को कितनी सीटें मिली हैं, वह बहुमत से कितनी दूर हैं।
राज्यसभा में भाजपा की क्या स्थिति
बता दें 10 राज्यों से राज्यसभा की कुल 37 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं। यह सीटें अप्रैल में खाली हो जाएंगी। चुनाव आयोग राज्यसभा सदस्यों के 6 साल के कार्यकाल पूरे होने से एक महीने पहले उनकी सीटों पर चुनाव करा लेता है. इसकी कड़ी में 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए। इस चुनाव से पहले भाजपा के 103 सांसद हैं, इनमें से 9 सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो जाएगा।
इन 9 के कार्यकाल खत्म होने पर भाजपा के पास 103-9=94 सीटें रह जाएंगी, वहीं भाजपा ने 37 राज्यसभा सीटों में हुए चुनाव में 13 सीटों पर जीत हासिल की है। इस तरह इन सीटों को जोड़ा जाए तो भाजपा की सीटें बढ़ कर 107 हो जाएंगी। यानि पहले से 4 सीटे यहां बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
हालांकि भाजपा अभी भी बहुमत से दूर है, मगर वह लगातार राज्यसभा में बहुमत की ओर अग्रसर हो रही है। भाजपा को इस समय अपनी पार्टी के राज्यसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 16 सीटों की ओर जरूरत है। हालांकि अब अगला चुनाव 2028 में होगा। यानि अब अगर उसे राज्यसभा में बहुमत के ओर करीब जाना है या यह आंकड़ा छूना है तो उसे 2 साल और इंतजार करना पड़ेगा।
37 सीटों पर क्या रहा रिजल्ट
बता दें, 37 राज्यसभा की सीटों में 26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ था जिनमें एनडीए ने 13 सीटें जीती थीं. इस तरह 37 में से एनडीए ने 22 सीटें जीत कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. विपक्ष के खाते में 15 सीटें आई हैं. कांग्रेस के लिए राहत की बात यह है कि उसकी राज्यसभा में विपक्ष के नेता की कुर्सी बची रही।
NDA ने महाराष्ट्र की 7 में से 6, बिहार की सभी 5, असम की सभी 3, ओडिशा की चार में से 3, तमिलनाडु की पांच में से 2, पश्चिम बंगाल की 5 में से 1 और हरियाणा और छत्तीसगढ़ की 2 में से 1 सीट जीती. मनोनीत सांसद रंजन गोगोई का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है जिनकी जगह जल्दी ही मनोनयन होगा और वह सीट भी एनडीए के खाते में ही गिनी जाएगी.
बता दें राज्यसभा में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सीटें बढ़ कर 135 से भी अधिक हो गईं हैं जो महत्वपूर्ण बिलों को पारित कराने में बेहद मददगार साबित होने वाली हैं.
यह भी पढ़ें – BJP ने जारी की बंगाल चुनाव के लिए पहली कैंडिडेट लिस्ट, 144 नेताओं का नाम


Download Android App
Download iOS App




