पश्चिम बंगाल भाजपा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को राज्य में “खराब होती कानून व्यवस्था” और “बलात्कार की बढ़ती हुई घटनाओं” के विरोध में शहर में जुलूस निकाला। हालाँकि अदालत ने पार्टी को उस मार्ग से जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जो उन्होंने मांगा था।
अदालत का आदेश अपराह्न दो बजे के बाद आया और उसमें भाजपा को शाम तीन बजे से साढ़े चार बजे तक जुलूस निकालने की इजाजत दी। एक किलोमीटर लंबा जुलूस शहर के सांस्कृतिक केंद्र नंदन से शुरू होकर वहीं समाप्त हुआ।
जुलूस का नेतृत्व पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा अध्यक्ष और सांसद लॉकेट चटर्जी और पार्टी महासचिव राजू बनर्जी ने किया। हाथ में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
चटर्जी ने कहा, “दक्षिणी दिनाजपुर में एक 17 साल की लड़की का बलात्कार कर उसे मार दिया गया और उसे आग लगा दी गयी। हम इस भयानक घटना और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ जुलूस निकालना चाहते थे लेकिन पुलिस ने पहले अनुमति देने से मना कर दिया।”
चटर्जी ने घटना पर शहर के प्रबुद्ध लोगों की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया। हैदराबाद में घटी इसी प्रकार की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अन्य राज्यों से ऐसी घटनाओं की खबर आने पर अपनी पार्टी के प्रतिनिधि उन राज्यों में भेजे हैं। अब वह चुप क्यों हैं, इस बार उनका ही राज्य है…।”
भाजपा ने नंदन सांस्कृतिक संकुल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निवास तक जुलूस निकालने की इजाजत मांगी थी लेकिन पार्टी के अनुसार पुलिस ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद भाजपा ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।


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