सीबीआई ने कंबोडिया साइबर ठगी गिरोह के रिक्रूटर को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेशी साइबर ठगी गिरोहों के लिए भारतीय युवाओं की भर्ती करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह आरोपी भारतीय नागरिकों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजता था, जहां उन्हें साइबर अपराधों में जबरन शामिल किया जाता था। सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार लखवानी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है। एजेंसी को सूचना मिली थी कि कुछ संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट विदेशी देशों में तथाकथित स्कैम…

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेशी साइबर ठगी गिरोहों के लिए भारतीय युवाओं की भर्ती करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह आरोपी भारतीय नागरिकों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजता था, जहां उन्हें साइबर अपराधों में जबरन शामिल किया जाता था।

सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार लखवानी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है। एजेंसी को सूचना मिली थी कि कुछ संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट विदेशी देशों में तथाकथित स्कैम कंपाउंड बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का संचालन कर रहे हैं। इन ठगी गिरोहों का एक प्रमुख केंद्र कंबोडिया में भी संचालित किया जा रहा है, जहां भारतीय युवाओं को फंसाकर उनसे ऑनलाइन ठगी कराई जाती है।

जांच में सामने आया कि आरोपी युवाओं को डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट या अन्य आईटी से जुड़ी अच्छी सैलरी वाली नौकरियों का लालच देता था। उम्मीदवारों से करीब 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक वसूले जाते थे और उन्हें अलग-अलग रास्तों से दिल्ली के जरिए कंबोडिया भेजा जाता था। वहां पहुंचने के बाद इन युवाओं को साइबर ठगी के गिरोहों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। सीबीआई के मुताबिक, विदेशों में मौजूद इन स्कैम कंपाउंड्स में ले जाए गए लोगों को धमकी, डराने-धमकाने और अवैध कैद जैसी परिस्थितियों में रखा जाता था। उन्हें डिजिटल अरेस्ट स्कैम, पहचान की चोरी और अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को अंजाम देने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसे पीड़ितों को आमतौर पर “साइबर स्लेव” कहा जाता है।

सूचना के आधार पर निगरानी के बाद सीबीआई ने आरोपी को भारत पहुंचने पर ट्रैक कर लिया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कार्यालय लाया गया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की पड़ताल की गई, जिसमें कई वीडियो मिले। इन वीडियो में वह उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेते हुए दिखाई दे रहा था, जो कथित तौर पर इन स्कैम कंपाउंड्स में भर्ती के लिए किए जा रहे थे। इसके अलावा, कई भारतीय उम्मीदवारों के पासपोर्ट की तस्वीरें भी बरामद की गईं, जिन्हें कथित तौर पर कंबोडिया स्थित इन केंद्रों में भेजा गया था।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक बड़े आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा था, जो भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी के ऑफर देकर विदेश भेजने का काम करता था। विदेश पहुंचने के बाद उन्हें अवैध रूप से कैद कर साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल किया जाता था, जो भारत समेत कई देशों के लोगों को निशाना बनाते हैं।

सीबीआई ने आरोपी कृष्ण कुमार लखवानी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए मामले की विस्तृत जांच जारी है।

–आईएएनएस

पीएसके

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