कोलकाता, 4 नवंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। घोष को बुधवार को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने उन्हें पेश होने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया है।
मेडिकल कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अलग-अलग कर रहे हैं। सीबीआई ने इस मामले में वर्ष 2024 में संदीप घोष को गिरफ्तार किया था। शुरुआत में उन्हें सीबीआई की हिरासत में रखा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह कुछ समय तक न्यायिक हिरासत में रहे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को उन्हें जमानत दे दी थी।
ईडी के समन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एजेंसी संस्थान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत घोष से पूछताछ करना चाहती है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सामने आया था। इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
आरोप लगाया गया था कि अस्पताल के बैंक खाते से सरकारी धन अवैध तरीके से संदीप घोष के करीबी प्रभावशाली विक्रेताओं और ठेकेदारों के खातों में स्थानांतरित किया गया। इन आरोपों के बाद सीबीआई की कोलकाता भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 24 अगस्त 2024 को मामला दर्ज किया था और पूर्व प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद संदीप घोष ने जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। न्यायाधीश ने यह आशंका भी जताई थी कि घोष का राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव उनकी रिहाई की स्थिति में सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम पैदा कर सकता है।
इसके बाद घोष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां से उन्हें 15 अक्टूबर 2026 को जमानत मिल गई। अब ईडी की पूछताछ संस्थान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा होगी।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



