सीबीआई ने केरल के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में 5 लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Summary :

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े एक बड़े साइबर ठगी मामले में कार्रवाई तेज करते हुए 25 अप्रैल को पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें एक निजी कंपनी भी शामिल है। इस मामले में नामजद तीन आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला सीबीआई ने 24 नवंबर 2025 को केरल उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। जांच के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक अधिकारियों का रूप धरकर एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाया और फर्जी नोटिसों के जरिए उसे डरा-धमकाकर 1.8…

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े एक बड़े साइबर ठगी मामले में कार्रवाई तेज करते हुए 25 अप्रैल को पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें एक निजी कंपनी भी शामिल है। इस मामले में नामजद तीन आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

यह मामला सीबीआई ने 24 नवंबर 2025 को केरल उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। जांच के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक अधिकारियों का रूप धरकर एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाया और फर्जी नोटिसों के जरिए उसे डरा-धमकाकर 1.8 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया। अपराधियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित से संपर्क बनाए रखा और उसे तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर मानसिक दबाव में रखा।

चार्जशीट में जिन आरोपियों को नामजद किया गया है, उनमें सलीश कुमार सीएस, ब्लेसिन जैकब अब्राहम, मोहम्मद जुनैद हुसैन, मोहम्मद मुश्ताक और जेसीएसएस कैपिटल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो व्यक्ति ऐसे हैं, जो ठगी से प्राप्त धनराशि को जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का संचालन कर रहे थे। इसके अलावा एक संबंधित कंपनी की भी इस पूरे नेटवर्क में भूमिका पाई गई है। जांच एजेंसी ने यह भी खुलासा किया है कि एक आरोपी ऐसे बैंक खाते जुटाने और उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने में सक्रिय था, जबकि एक अन्य आरोपी ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनका उपयोग अपराधियों ने पीड़ित से संपर्क साधने के लिए किया।

प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि इस साइबर ठगी के तार दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित तथाकथित ‘स्कैम कंपाउंड्स’ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं, जो भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर अपराध कर रहे हैं। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, खासकर वे जो बैंकिंग और दूरसंचार ढांचे का दुरुपयोग होने देकर साइबर अपराधियों की मदद करते हैं।

–आईएएनएस

एएसएच/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.