केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों की संबद्धता प्रणाली में बदलाव कर रहा है और इस प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ डेटा विश्लेषण पर आधारित किया जा रहा है। नयी प्रणाली एक मार्च से प्रभावी होगी। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में निर्धारित प्रणालीगत सुधारों के लिए की गई विभिन्न सिफारिशों के अनुकूल इसमें बदलाव किया जा रहा। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा,‘‘बोर्ड एनईपी में शिक्षा सुधारों को लेकर की गई सिफारिशों के अनुरूप संबद्धता प्रणाली और प्रक्रिया में बदलाव कर रहा है।
हालांकि, सीबीएसई (से स्कूलों की) संबद्धता प्रणाली 2006 से ही ऑनलाइन है, पर संशोधित प्रणाली पूरी तरह से डिजिटल होगी और यह न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ डेटा विश्लेषण पर आधारित होगी।’’ उन्होंने कहा,‘‘ये बदलाव सीबीएसई संबद्धता प्रणाली के कार्य को सुगम बनाएगा, न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन के लक्ष्य के अनुरूप, स्वचालित होगा और इसमें डेटा के आधार पर निर्णय लिये जाएंगे। इससे पारदर्शिता आएगी, समूची प्रणालीगत प्रक्रिया में कहीं अधिक जवाबदेही आएगी तथा सभी आवेदनों का शीघ्र एवं समयबद्ध निपटारा हो सकेगा।’’
त्रिपाठी ने कहा कि बोर्ड जल्द ही नयी प्रणाली पर एक विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा। बोर्ड ने नयी प्रणाली के अनुसार आवेदन प्रक्रिया के लिए समय सीमा में भी संशोधन किया है। संशोधित समय सीमा के मुताबिक नयी संबद्धता और संबद्धता को अपग्रेड करने के लिए हर साल तीन अवधि उपलब्ध की जाएगी एक मार्च से 31 मार्च, एक जून से 30 जून और एक सितंबर से 30 सितंबर। त्रिपाठी ने बताया कि संबद्धता विस्तारित करने के लिए आवेदन हर साल एक मार्च से 31 मई तक स्वीकार किये जाएंगे। गौरतलब है कि देश भर में और विदेशों में सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त 24,930 स्कूल हैं, जिनमें 2 करोड़ से अधिक छात्र और 10 लाख से अधिक शिक्षक हैं। संबद्धता नियमावली 1998 में बनाई गई थी।


Download Android App
Download iOS App



