बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक कांशीराम के जन्मदिन के मौके पर बसपा मुखिया मायावती ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बसपा ने अपने शासन काल में बहुजनों के विकास के लिए अच्छे दिन लाकर दिखाए। जबकि दूसरी सरकारों के दावे हवा-हवाई हैं।
धार्मिक मामलों में मुस्लिमों के साथ भेदभाव उचित नहीं: BSP Chief Mayawati
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कांशीराम की जयंती के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक कांशीराम जी को आज उनके जन्मदिन पर बीएसपी द्वारा देश भर में शत-शत नमन, माल्यार्पण, श्रद्धा-सुमन अर्पित व उनके ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ मूवमेंट को तन, मन, धन से मजबूत बनाने के संकल्प हेतु सभी का तहेदिल से आभार।
उन्होंने आगे लिखा कि बहुजन समाज को अपार गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, पिछड़ेपन, जातिवाद, सांप्रदायिक हिंसा व तनाव आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए अपने कीमती वोट की ताकत को समझकर अपना उद्धार स्वयं करने योग्य बनने हेतु सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी है, यही आज के दिन का उच्च संदेश है।
बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि यूपी की विशाल आबादी को अनुभव है कि बीएसपी का आयरन लेडी नेतृत्व कथनी में कम व करनी में ज़्यादा विश्वास रखता है और अपने शासनकाल में बहुजनों का सर्वांगीण विकास करके उनके काफी अच्छे दिन लाकर दिखाए भी हैं, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों की अधिकतर बातें व दावे हवा हवाई व छलावा हैं।
ज्ञात हो कि कांशीराम का जन्म ब्रिटिश शासन काल में पंजाब के रूपनगर (वर्तमान में रोपड़ जिले) में 15 मार्च 1934 को हुआ था। कांशीराम ने राजनीति और समाज में एक बड़ा परिवर्तन लाने में भूमिका निभाई। दलितों के उत्थान के लिए बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर 14 अप्रैल 1984 को बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। कांशीराम मायावती के मार्गदर्शक थे। मायावती ने कांशीराम की राजनीति को आगे बढ़ाया।


Download Android App
Download iOS App



