CM हिमंता बिस्वा सरमा का जलुकबारी किला बरकरार, छठी बार शानदार जीत, कांग्रेस उम्मीदवार को 89,434 वोटों से दी शिकस्त

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CM Himanta Biswa Sarma won from Jalukbari Seat: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 81 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जलुकबारी सीट से लगातार छठी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 वोटों के बड़े अंतर से हराया। जलुकबारी सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जाती है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री खुद चुनाव लड़ते हैं। यह सीट लंबे समय से असम की राजनीति की…

CM Himanta Biswa Sarma won from Jalukbari Seat: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 81 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जलुकबारी सीट से लगातार छठी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम किया है।

उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 वोटों के बड़े अंतर से हराया। जलुकबारी सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जाती है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री खुद चुनाव लड़ते हैं। यह सीट लंबे समय से असम की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती रही है।

CM Himanta Biswa Sarma won From Jalukbari seat: जलुकबारी सीट का इतिहास और महत्व

कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में स्थित जलुकबारी विधानसभा क्षेत्र गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 1967 से अस्तित्व में है और सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में आती है। गुवाहाटी शहर के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित यह क्षेत्र शिक्षा, शहरी विकास और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। अब तक इस सीट पर 12 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें कांग्रेस ने सबसे ज्यादा पांच बार जीत हासिल की है। बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवारों को दो-दो बार सफलता मिली है, जबकि जनता पार्टी, नतुन असम गण परिषद और असम गण परिषद ने एक-एक बार जीत दर्ज की है।

गुरु-शिष्य की दिलचस्प राजनीतिक कहानी

जलुकबारी सीट की राजनीति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां एक दिलचस्प गुरु-शिष्य की कहानी भी जुड़ी है। असम के वरिष्ठ नेता भृगु कुमार फुकन को हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक गुरु माना जाता है। 1985 में भृगु कुमार फुकन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पहली बार यह सीट जीती थी।

उस समय वे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के महासचिव थे और असम आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। बाद में वे असम गण परिषद सरकार में गृह मंत्री बने। 1991 और 1996 में भी उन्होंने जीत हासिल की। खास बात यह रही कि 1996 के चुनाव में उन्होंने अपने ही शिष्य हिमंता बिस्वा सरमा को हराया था, जो उस समय कांग्रेस से उम्मीदवार थे।

हिमंता सरमा की वापसी और लगातार जीत

2001 में हिमंता बिस्वा सरमा ने जोरदार वापसी करते हुए जलुकबारी सीट पर जीत हासिल की और अपने राजनीतिक गुरु को हराया। यहीं से इस सीट पर उनका वर्चस्व शुरू हुआ। उन्होंने 2001, 2006 और 2011 में कांग्रेस के टिकट पर लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। 2016 और 2021 में बीजेपी के टिकट पर भी उन्होंने जीत हासिल की और अब 2026 में भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। 2021 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था, जो उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

मतदाता और सामाजिक समीकरण

जलुकबारी सीट पर मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2026 के चुनाव में यहां कुल 2,06,314 वोटर दर्ज किए गए, जबकि इससे पहले यह संख्या 2,04,137 थी। यह बढ़ोतरी इस क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरी विकास को दर्शाती है। इस क्षेत्र का सामाजिक ढांचा काफी विविध है। यहां हिंदू, मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और मध्यम वर्गीय शहरी मतदाता बड़ी संख्या में मौजूद हैं। मुस्लिम वोटर यहां प्रभावशाली माने जाते हैं, वहीं एससी और एसटी मतदाता भी चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। शहरी और ग्रामीण वोटरों का संतुलन इस सीट को और खास बनाता है, हालांकि हाल के वर्षों में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है।

मतदान प्रतिशत और रणनीतिक महत्व

जलुकबारी सीट पर मतदान प्रतिशत हमेशा अच्छा रहा है। पिछले कई चुनावों में यहां 75 से 85 प्रतिशत तक वोटिंग दर्ज की गई है, जो यहां के लोगों की राजनीतिक जागरूकता को दिखाता है। यह क्षेत्र गुवाहाटी शहर का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। गुवाहाटी विश्वविद्यालय, असम इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान इसी इलाके के आसपास स्थित हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, हवाई अड्डा और सरायघाट पुल से बेहतर कनेक्टिविटी इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।