रायपुर : छत्तीसगढ़ के चुनावी मिशन में कांग्रेस की अंदरूनी तैयारियों में आक्रामक रणनीति नजर आ रही है। बूथ मिशन का दौर निपटने के बाद कांग्रेस की ओर से अब आक्रामक प्रचार अभियान शुरू होगा। संगठनात्मक बैठकों में इसकी कवायदें शुरू कर दी गई है। आगामी जुलाई माह से कांग्रेस संकल्प यात्रा के जरिए ताबड़तोड़ अभियान शुरू करने जा रही है। वहीं गुजरात पैटर्न को ही छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ाने पर जोर होगा।
चुनाव अभियान की दिशा भी तय कर दी गई है। इसके तहत सभी दिशाओं से एक साथ यात्राएं शुरू होगी। इसके लिए सभी दिग्गजों को टास्क भी सौेंप दिए गए हैं। वहींसभी जिलों की विधानसभा सीटों पर नजरें होगी। सूत्र दावा करते हैं कि इस बार कर्नाटक में हुई गलतियों को यहां नहीं दोहराया जाएगा। इसके लिए सभी क्षेत्रों के लिए अलग अलग रणनीतियां भी तय होगी। माना जा रहा है कि कांगे्रस इस चुनावी अभियान में सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ पुराने नेताओं को शामिल करेगी। इसके लिए बूथों में भी कार्यकर्ताओं को टास्क दिए जाएंगे।
सरकार के भ्रष्टाचार और नाकामियों को उछालते हुए सोशल मीडिया में भी जोर होगा। गुजरात में सोशल मीडिया का अभियान काफी सफल रहा था। कांग्रेस इसी फार्मूले को आजमा रही है। पहले पंजाब की तर्ज पर बूथ मिशन के साथ काडर तैयार किया गया था। हालांकि पंजाब में सभी विधानसभाओं में बूथ की कवायदें नहीं हुई थी छत्तीसगढ़ ने संगठनात्मक नजरिए से बाजी मारी हे।
इसका फायदा भी कांग्रेस को चुनावी मैदान में मिल सकता है। प्रदेश में सरकार की नाकामियों, प्रशासनिक आतंकवाद और भ्रष्टाचार के साथ कमीशनखोरी के मुद्दों पर अलग रणनीति तय की गई है। प्रचार युद्ध में कांग्रेस के दिग्गज बूथों तक जाकर माहौल बनाएंगे। इसके लिए संगठन के स्तर पर जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई है। संकलप यात्रा के साथ प्रदेश में परिवर्तन का आगाज होगा।
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