लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति का मुद्दा उठाया और ऊर्जा के लिये ईरान जैसे देशों पर निर्भरता को देखते हुए सरकार से पूछा कि अमेरिका के हाल के कदम के बाद क्या ईरान से कच्चे तेल के आयात जारी रहेगा?
निचले सदन में शून्यकाल के दौरान तिवारी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो घटनाक्रम चल रहा है, उसका भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ने वाला है। ओमान की खाड़ी से 80 प्रतिशत कच्चे तेल का आवागमन होता है और वहां की परिस्थिति खतरनाक बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि 2018-19 में भारत ने ईरान से 23.5 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया था । भारत को अमेरिका से तेल आयात को लेकर छूट प्राप्त थी जो ईरान के संदर्भ में कुछ देशों को दिया गयी थी।
मनीष तिवारी ने पूछा कि सरकार बताये कि क्या वह ईरान से तेल आयात को जारी रखेगी? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के तहत तेल की कीमतें बढ़ने से रोकने के लिये क्या कदम उठाये जा रहे हैं ?


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