रायपुर : कर्नाटक विधानसभा के घटनाक्रम और विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिशों पर सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया। वहीं सत्तापक्ष ने इस पर सधा हुआ जवाब देते हुए कांग्रेस के गठबंधन को अवसरवादी करार दिया। छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी के दौरे के बाद जोश में डूबी कांग्रेस ने जश्न भी मनाया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि कर्नाटक में बहुमत को परास्त करने के लिये राज्यपाल के जरिए भाजपा ने सरकार बनाई।
वहीं अपने दल के नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई। उन्होंने आरोप लगाए कि उसके बाद प्रलोभन और धनबल के सहारे बहुमत प्राप्त करने लिये सदन के बाहर कवायद की गई। इसके बावजूद भी कर्नाटक के विधायकों ने अपनी निष्ठा अडिग रखकर लोकतंत्र विरोधियों के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। देश में प्रजातंत्र और जनमत की भाजपा को कोई परवाह नहीं है। उन्होंने सत्ताधारी दल की घेरेबंदी कर कहा कि मणीपुर, गोवा, मेघालय के बाद भाजपा ने कर्नाटक में अपने उसी प्रजातंत्र विरोधी चरित्र को दोहराया है। पूरे घटनाक्रम से भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा फिर से बेनकाब हो गया है।
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