विश्वभर में कोरोना वैक्सीन बनाने की दौड़ चल रही है, कई देशों की वैक्सीन कोरोना पर 90 फीसदी प्रभावी भी पाई गई है। ऐसा मन जा रहा है की अगले साल तक कोरोना की वैक्सीन सभी देशों को मिल सकती है। इसी बीच भारतीय सरकार की तरफ से कहा गया है कि कोविड-19 का टीका जब भी उपलब्ध होगा उसे सबसे पहले करीब एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा।
इस कारण देशभर के 92 प्रतिशत सरकारी अस्पताल और 55 प्रतिशत निजी अस्पताल आंकड़े मुहैया कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत में पांच टीकों पर काम जारी है, जिनमें से चार का II और III और एक का I व II चरण का ट्रायल चल रहा है। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंगलवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की और इस दौरान टीके के वितरण को लेकर भी चर्चा की। सभी राज्यों को डॉक्टरों, एमबीबीएस छात्रों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं सहित अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पहचान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।
सूत्रों ने बताया कि ‘‘सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी सरकारी अस्पतालों में लगभग 92 प्रतिशत और निजी अस्पतालों में करीब 55 प्रतिशत आंकड़े मुहैया कराए हैं। अन्य जानकारियां अगले सप्ताह तक आ जाएंगी। हमने सभी राज्यों से प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है।’’ सूत्रों ने बताया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद से केंद्र ने प्राथमिकता वाले लगभग 30 करोड़ लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिन्हें शुरुआती चरण में टीके लगाए जाएंगे।


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